सुप्रीम कोर्ट का फैसला संविधान, लोकतंत्र के खिलाफ है: अरविंद केजरीवाल

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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (14 फरवरी) को दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच अधिकारों के विवाद पर अपना फैसला सुनाया। जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने दिल्ली सरकार को झटका देते हुए कहा है कि एसीबी, जांच आयोगों आदि पर केंद्र को अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस फैसले को दिल्ली के साथ अन्याय बताया है। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली का मुख्यमंत्री एक चपरास को भी ट्रांसफर नहीं कर सकता। यह दिल्ली के लोगों के विश्वास के खिलाफ अन्याय है और बहुत ही गलत फैसला है।’

उन्होंने कहा, हम इसका कानूनी समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। साथी ही उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का ये फ़ैसला, न केवल दिल्ली के लोगों के खिलाफ है बल्कि संविधान के भी खिलाफ है।

जानें लाइव अपडेट्स

  • एक चपरासी को भी दिल्ली का मुख्यमंत्री ट्रांसफर नही कर सकता। मुख्यमंत्री के पास अगर एक चपरासी तक को ट्रांसफर करने की ताकत नही है तो मुख्यमंत्री कैसे काम करेगा?: अरविंद केजरीवाल
  • सुप्रीम कोर्ट का ये फ़ैसला, न केवल दिल्ली के लोगों के खिलाफ है बल्कि संविधान के भी खिलाफ है: अरविंद केजरीवाल
  • 40 साल से ACB दिल्ली सरकार के पास थी, अब नहीं है। तो अगर कोई भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री से करेगा तो उसपर कार्यवाही कैसे होगी?: अरविंद केजरीवाल
  • सीएम केजरीवाल ने SC के फैसले पर सवाल उठाए. केजरीवाल ने कहा- अगर कोई सरकार अपने अधिकारी का ट्रांसफर नहीं कर सकता तो सरकरा चलेगी कैसे? आज का फैसला कहता है कि 70 विधायक मिले वो ट्रांसफर पोस्टिंग नहीं कर सकती लेकिन 3 सीट वाली पार्टी ट्रांसफर पोस्टिंग कर सकती है।

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