सोशल मीडिया: “किसान को एक दिन के 17 रुपए दिए हैं, 18 की तो वो रोज़ बीड़ी पी जाता है”

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लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार (1 फरवरी) को 2019-20 का बजट पेश किया। मोदी सरकार ने आगामी आम चुनाव के मद्देनजर किसानों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, नौकरीपेशा लोगों के लिए अपना खजाना खोलते हुए अगले वित्त वर्ष के अंतरिम बजट में घोषणाओं की झड़ी लगा दी। सरकार ने आम चुनाव से पहले पेश अपने आखरी बजट प्रस्तावों में किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को लुभाने के लिए कई बड़ी घोषणाए की हैं।

पीटीआई फोटो।

छोटे किसानों को सालाना 6 हजार रुपये का नकद समर्थन, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए मैगा पेंशन योजना और नौकरी पेशा तबके के लिए पांच लाख रुपये तक की वार्षिक आय को कर मुक्त कर दिया गया है। यह सीमा पहले 2.5 लाख रुपये तक की थी। पीटीआई के मुताबिक, इन तीन क्षेत्रों के लिए बजट में कुल मिलाकर करीब सवा लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जानकारों की मानें तो सरकार के इन फैसलों से करीब 25 करोड़ लोगों को फायदा होगा।

किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को साधने की कोशिश

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में शुक्रवार को 2019- 20 का अंतरिम बजट पेश करते हुए कई लोक लुभावन घोषणाएं की। उन्होंने प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि नाम से एक नई योजना के तहत छोटे किसानों को तीन किस्तों में सालाना 6,000 रुपये की नकद सहायता देने का एलान किया। इस योजना से सरकारी खजाने पर सालाना 75,000 करोड़ रुपये का वार्षिक बोझ पड़ेगा। यह सहायता दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को उपलब्ध होगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना से 12 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही उन्होंने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिये प्रधानमंत्री ‘‘श्रम योगी मानधन योजना’’ की घोषणा की गई है। इसके तहत श्रमिकों को 60 साल की आयु के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन दी जायेगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत श्रमिकों को मासिक 100 रुपये का योगदान करना होगा। इसके साथ ही 100 रुपये की राशि सरकार की तरफ से भी दी जायेगी। इससे 10 करोड़ श्रमिकों को फायदा होगा।

मोदी सरकार ने अंतरिम बजट में आयकर छूट की सीमा ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। गोयल ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए उनकी पांच लाख रुपये तक की सालाना आय को कर मुक्त कर दिया। मानक कटौती को भी मौजूदा 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है। वित्त मंत्री की इस घोषणा के समय सदन सत्ता पक्ष के सदस्यों की मेजों की थपथपाहट से गूंज गया। आयकर संबंधी इस प्रस्ताव से मध्यम वर्ग के तीन करोड़ कर दाताओं को लाभ मिलेगा।

सोशल मीडिया पर कैसा है लोगों का रिएक्शन

सोशल मीडिया बजट को लेकर जमकर हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे मोदी सरकार ‘आखिरी जुमला बजट’ बताया है। राहुल गांधी ने बजट में घोषित ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि प्रतिनिधि 17 रुपये दिए जाने का प्रावधान करना किसानों का अपमान है। इसके साथ ही राहुल गांधी ने ट्वीट में #AakhriJumlaBudget हैशटैग का भी इस्तेमाल किया।

लोगों का कहना है कि मध्यम वर्ग के लिए 5 लाख रुपये तक की सालाना इनकम टैक्स फ्री करना। छोटे किसानों के लिए हर साल 6 हजार रुपये मदद का ऐलान और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए मैगा पेंशन योजना के फैसले के जरिए सरकार ने अंतरिम बजट के बहाने 2019 लोकसभा चुनाव पर निशाना साधा है। किसानों, नौजवानों और मजदूरों सभी को साधने की कोशिश की गई है। ताकि, चुनाव प्रचार के वक्त कोई शिकायत ना कर पाए।

पत्रकार मानक गुप्ता ने ट्वीट कर लिखा है कि किसान को एक दिन के 17 रुपए दिए हैं। 18 की तो वो रोज़ बीड़ी पी जाता है…” उन्होंने आगे लिखा है कि स्टूडियो में आए एक किसान नेता चेहरे पर बिना किसी भाव के बोले और मेरे रिऐक्शन का इंतज़ार करने लगे। हँसी कैसे रोकी है मैं ही जानता हूँ।

एक प्रशांत नाम के एक अन्य पत्रकार ने लिखा है, “ग्रामीण इलाकों में जब चुनाव होता है, तब उम्मीदवार एक ग़रीब किसान के वोट की कीमत 500 रुपये ही लगाता था। 2004 के चुनाव में भी यही रेट था और 2019 के लिए भी यही रेट तय हुआ है’ उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा है कि इनकम टैक्स में पांच लाख की छूट 2020-2021 से लागू होगी, मतलब पहली बार बजट में कोई चुनावी वादे का एलान हुआ है। मतलब 2019 चुनाव जीते, तो देंगे।

देखिए, लोगों के ट्वीट्स:-

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