पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. मनमोहन सिंह ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे को बहुत दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। मनमोहन ने उर्जित पटेल के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि यह देश की अर्थव्यवस्था को लगा एक गंभीर झटका है।
एक बयान में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि आरबीआई गवर्नर के अचानक हुए इस्तीफे में भारत की तीन खरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था की संस्थागत नींव को नष्ट करने की मोदी सरकार की कोशिशों के संदेश नहीं हों। उन्होंने कहा कि अल्पकालिक राजनीतिक फायदों के लिए संस्थाओं को खत्म करना मूर्खता होगी।
बता दें कि केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच तनातनी की खबरों के बीच उर्जित पटेल ने सोमवार (10 दिसंबर) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। पिछले महीने सरकार और आरबीआई के बीच कई मांगों को लेकर खींचतान चल रहीं थी। उन्होंने इसके पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। पटेल आरबीआई के 24वें गवर्नर थे। उन्हें सितंबर 2016 में तीन साल के लिए इस पद पर गवर्नर नियुक्त किया गया था। उन्होंने रघुराम राजन की जगह ली थी।
इस्तीफा देने के बाद उर्जित पटेल ने कहा कि व्यक्तिगत कारणों के चलते मैने वर्तमान पद (आरबीआई के गवर्नर) से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने का फैसला किया। वर्षों तक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अलग पदों पर काम करना हमारे लिए सम्मान की बात रही है।



















