गुजरात के कई हिस्सों में गैर गुजरातियों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। पुलिस के मुताबिक हिंसा के शिकार लोगों में खास तौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार एवं मध्य प्रदेश के रहने वाले शामिल हैं। गुजरात में बीते एक सप्ताह से स्थानीय लोग गैर गुजराती मजदूरों को अपना निशाना बना रहे हैं। लोगों के आक्रोश को देखते हुए इन राज्यों के हजारों मजदूर वहां से अपने घर यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश लौटने लगे हैं।
Photo: Indian Expressगौरतलब है कि 28 सितंबर को साबरकांठा जिले में 14 महीने की एक बच्ची के साथ कथित बलात्कार के बाद छह जिलों में हिंदीभाषी लोगों पर हमलों की कई घटनाएं हुई हैं। बलात्कार के मामले में बिहार के एक प्रवासी श्रमिक को गिरफ्तार किए जाने के बाद हिंसा की शुरूआत हुई थी। पुलिस ने इस घटना के संबंध में बिहार के श्रमिक रवींद्र साहू को गिरफ्तार किया है। 14 महीने की मासूम के साथ घिनौनी वारदात के सामने आने के बाद गैर गुजरातियों पर लगातार हमले हो रहे हैं।
CM विजय रूपाणी ने की लौटने की अपील
हिंदी भाषी प्रवासियों की सुरक्षा के लिए गुजरात के औद्योगिक इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हमलों के बाद हिंदीभाषी लोगों के गुजरात से बाहर जाने के बीच राज्य सरकार ने सोमवार को उनसे लौटने की अपील की। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने लोगों से हिंसा में शामिल नहीं होने की अपील की। वहीं राज्य सरकार ने प्रवासियों को सुरक्षा का आश्वासन देते हुए कहा कि हमलों के संबंध में 431 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 56 प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं।
रूपाणी ने दावा किया कि पिछले 48 घंटों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस के गहन प्रयासों के कारण स्थिति नियंत्रण में है औैर पिछले 48 घंटों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। समचाार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक उन्होंने राजकोट में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और परेशानी की स्थिति में लोग पुलिस को बुला सकते हैं। हम उन्हें सुरक्षा मुहैया कराएंगे।’’
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया और नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के एक नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि गुजरात में बिहार के लोगों के खिलाफ हिंसा के लिए उनकी पार्टी दोषी है। जदयू प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने आरोप लगाया, ‘‘आपने गुजरात के कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकुर को बिहार कांग्रेस का सहप्रभारी नियुक्त किया और उनकी सेना (गुजरात क्षत्रिय ठाकोर सेना) बिहार के लोगों को गुजरात से बाहर करने में जुटी है।’’
विपक्षी कांग्रेस का नाम लिए बिना प्रदेश के गृह मंत्री प्रदीपसिंह जडेजा ने कहा कि यह पता लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं कि क्या ये (हमले) उन लोगों की साजिश है जो 22 साल से गुजरात की सत्ता से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उन लोगों को सुरक्षा मुहैया कराए जो दूसरे प्रांतों से रोजगार के लिए गुजरात आते हैं।
उन्होंने हिंसा के कारण भाग गए लोगों से राज्य में लौटने की अपील की। जडेजा ने कहा कि प्रवासियों की सुरक्षा के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। जडेजा ने गांधीनगर में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि स्थिति पर नियंत्रण के लिए गुजरात सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से केंद्र को अवगत करा दिया गया है।
ठाकोर सेना के कई सदस्य गिरफ्तार
पुलिस ने हमलों के सिलसिले में ठाकोर सेना के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है और कई प्राथमिकियों में संगठन का भी नाम लिया गया है। संगठन के अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर ने आरोप लगाया है कि समुदाय के युवकों को फंसाया जा रहा है। उत्तर भारतीय विकास परिषद के अध्यक्ष महेशसिंह कुशवाह ने दावा किया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के करीब 20 हजार लोग गुजरात से बाहर चले गए हैं।
योगी-नीतीश ने रूपाणी से की बात
यूपी-बिहार के लोगों पर हमले की खबरों के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार के मुख्यमंत्रियों- क्रमश: योगी आदित्यनाथ और नीतीश कुमार तथा केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने विजय रूपाणी से बात की और हमलों को लेकर चिंता जताई। नीतीश कुमार ने बच्ची के साथ दुष्कर्म की निंदा की और कहा कि अपराध करने वाले को निश्चित तौर पर दंडित किया जाना चाहिए। लेकिन अन्य लोगों के संबंध में समान धारणा नहीं रखनी चाहिए।
नीतीश ने कहा, ‘‘हमारी गुजरात के मुख्यमंत्री और वहां के मुख्य सचिव से बातचीत हुई है। हमारे मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक लगातार उनके संपर्क में हैं।’’ वहीं, योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रूपाणी ने उनसे कहा कि उनकी सरकार ने सभी के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की है तथा सबका स्वागत है। उन्होंने कहा कि गुजरात एक शांतिप्रिय राज्य है और वे लोग अफवाहें फैला रहे हैं जो वहां का विकास मॉडल पसंद नहीं करते।
उत्तर भारतीयों के खिलाफ हो रही हिंसा पर राहुल गांधी ने बताई ये वजह
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात में उत्तर भारतीय लोगों पर हमले को ‘पूर्णत: गलत’ करार दिया और सोमवार को कहा कि हिंसा के मूल में राज्य में बंद पड़े कारखाने और बेरोजगारी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट कर कहा, ‘‘ग़रीबी से बड़ी कोई दहशत नहीं है। गुजरात में हो रहे हिंसा की जड़ वहां के बंद पड़े कारख़ाने और बेरोज़गारी है। व्यवस्था और अर्थव्यवस्था दोनो चरमरा रही हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रवासी श्रमिकों को इसका निशाना बनाना पूर्णत ग़लत है। मैं पूरी तरह से इसके ख़िलाफ़ खड़ा रहूंगा।‘‘
ग़रीबी से बड़ी कोई दहशत नहीं है| गुजरात में हो रहे हिंसा की जड़ वहाँ के बंद पड़े कारख़ाने और बेरोज़गारी है|
व्यवस्था और अर्थव्यवस्था दोनो चरमरा रही है|
प्रवासी श्रमिकों को इसका निशाना बनाना पूर्णत ग़लत है| मैं पूरी तरह से इसके ख़िलाफ़ खड़ा रहूँगा| pic.twitter.com/yLabmmZDwk
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 8, 2018
रूपाणी ने भी ट्वीट के जरिए राहुल गांधी के इस बयान पर पलटवार किया है। रूपाणी ने ट्वीट में लिखा, ‘अगर राहुल गांधी वास्तव में गुजरात में हिंसा के खिलाफ हैं तो अपने उन पार्टी सदस्यों पर कार्रवाई करें जिन्होंने हिंसा भड़काया है। हल ट्वीट करने में नहीं कार्रवाई करने में है। पर, क्या वह ऐसा करेंगे।’ सीएम ने कहा है कि उनकी सरकार आरोप- प्रत्यारोप की जगह लोगों के बीच यह विश्वास कायम करने में जुटी है कि वे गुजरात में पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
If the Congress President is against the violence in Gujarat, he needs to take action against its own members who incited violence against the migrants in Gujarat.
Tweeting is not the solution, taking action is! But will he act?— Vijay Rupani (@vijayrupanibjp) October 8, 2018