झारखंड में लोगों की पीट-पीटकर हत्या करने के दोषियों को माला पहनाकर स्वागत करने को लेकर निशाने पर आए केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा का मामला अभी ठंडा ही नहीं हुआ था कि मोदी सरकार के एक और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार दंगों के आरोपियों से मुलाकात एक नए विवाद को जन्म दे दिया है। गिरिराज सिंह दंगों के आरोपियों से शनिवार (7 जुलाई) को नवादा जेल पहुंचकर मुलाकात की।
File Photo: IANS/Press Information Bureauबता दें कि इन आरोपियों में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता शामिल हैं। सिंह ने शनिवार को करीब आधे घंटे तक जेल में इन आरोपियों से बातचीत की। गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने मॉब लीचिंग के आरोपियों को माला पहनाकर सम्मानित किया था। उन्होंने गौरक्षा के नाम पर एक मुस्लिम शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। सिन्हा का ये मामला थमा भी नहीं था कि गिरिराज सिंह भी अब विपक्षी पार्टियों के निशाने पर आ गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक गिरिराज सिंह ने नवादा जेल में बजरंग दल के जिला संयोजक जीतू प्रताप उर्फ जीतूजी और वीएचपी के जिला मंत्री कैलाश विश्वकर्मा से मुलाकात की। इन्हें पिछले साल नवादा में हुए सांप्रदायिक संघर्षों में उनकी कथित भूमिका के लिए चार दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। पिछले साल राम नवमी के मौके पर हुई सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के आरोप में जेल में है।
जेल में अपराधियों का हालचाल पूछने गए गिरिराज सिंह ने गिरफ्तारी पर दुख जताते हुए कहा कि वह उनके जेल में होने से बेहद दुखी हैं। इन लोगों को फंसाया जा रहा है। गिरिराज सिंह ने कहा कि बजरंगियों की गिरफ्तारी कर पुलिस ने लोगों को उकसाने का काम किया है। गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सांप्रदायिक सौहार्द के लिए हिंदुओं को दबाने की मानसिकता रखती है।
It seems admn is convinced communal harmony can be maintained only if Hindus are suppressed. It's unfortunate. I ask them to give up this attitude: Union Minister Giriraj Singh after meeting a Bajrang Dal activist, jailed in connection with clashes during Ram Navami in '17 #Bihar pic.twitter.com/dOg2E2nLdW
— ANI (@ANI) July 7, 2018
नवभारत टाइम्स के मुताबिक गिरिराज सिंह ने कहा, ‘जिस तरह से जीतूजी और कैलाशजी को फंसाया गया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। जब वर्ष 2017 में रामनवमी के दौरान तनाव व्याप्त हुआ था तो उन्होंने क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल रखने के लिए प्रयास किया था। अकबरपुर में जब मां दुर्गा की प्रतिमा तोड़ दी गई थी, तब उन्होंने ऐसा ही किया।’ गौरतलब है कि 3 जुलाई को बजरंग दल के संयोजक जितेंद्र प्रताप को वर्ष 2017 में हुए दंगों के लिए गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रताप की गिरफ्तारी के बाद 4 जुलाई को उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया और सड़कों पर उतर आए।
इसके अलावा बिहार के नवादा में इस साल मार्च में दो समुदायों के बीच हुए संघर्ष के एक आरोपी के परिवार से भी गिरिराज सिंह ने मुलाकात की। उन्होंने कहा कि ‘उन्होंने हमेशा हर तरह की परिस्थितियों में शांति बनाए रखने में मदद की है। आप उन्हें दंगाई कैसे कह सकते हैं। प्रशासन को देखना चाहिए कि क्या उन्होंने वास्तव में हिंसा भड़काई है।’
Bihar:Union Min Giriraj Singh met family of an accused of clashes b/w 2 communities in Nawada over an idol being vandalised in March this yr,says 'They've always helped maintain peace in all situations. How can you call them rioters?Admn should see if they really incited violence pic.twitter.com/ud9hBTGkKN
— ANI (@ANI) July 8, 2018