अपनी सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वह कोई शहंशाह या दंभी शासक नहीं हैं जो लोगों की गर्मजोशी से अप्रभावित रहे और उन्हें लोगों के साथ संवाद करने से ताकत मिलती है। पीएम ने कहा कि जब वह सड़कों पर काफी संख्या में लोगों को उनका अभिनंदन और स्वागत करने के लिये खड़े देखते हैं तब वह अपनी कार में बैठे नहीं रह सकते।
(File photo: Arvind Yadav/HT)समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी ने ‘स्वराज्य’ पत्रिका को दिये साक्षात्कार में कहा, ‘मैं कोई शहंशाह या दंभी शासक नहीं जो लोगों की गर्मजोशी से अप्रभावित रहे, लोगों के बीच रहने से मुझे ताकत मिलती है।’ प्रधानमंत्री रोड शो के दौरान उनकी निजी सुरक्षा के बारे में उनके शुभचिंतकों के मन में उत्पन्न आशंकाओं से जुड़े एक प्रश्न का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं यात्रा कर रहा होता हूं, मैं समाज के सभी आयु वर्ग और क्षेत्र के लोगों को सड़कों पर मेरा अभिनंदन और स्वागत करते देखता हूं। तब मैं अपनी कार में बैठा नहीं रह सकता, उनके स्नेह को नजरंदाज नहीं कर सकता और इसलिए मैं बाहर आ जाता हूं और लोगों से जितना बात कर सकता हूं, करता हूं।’ उल्लेखनीय है कि, गृह मंत्रालय ने हाल में पीएम की सुरक्षा के संबंध में नये दिशानिर्देश तैयार किये थे।
बता दें कि, पुणे पुलिस द्वारा सात जून को अदालत में कहा गया था कि प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) से कथित संबंध को लेकर गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में एक के दिल्ली निवास से एक पत्र मिला और उस पत्र में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तरह ही नरेंद्र मोदी की हत्या करने की कथित योजना का जिक्र था। इसके बाद पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था की हाल में बड़ी बारीक समीक्षा की गई।
इसके अलावा, हाल ही में पीएम मोदी की पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान एक व्यक्ति उनके पैर छूने के लिए सुरक्षा के सात घेरे को तोड़ते हुए उन तक पहुंच गया। इन घटनाओं के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री की जान पर खतरे के बारे में सूचनाएं मिलने के आलोक में उनकी सुरक्षा की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा, खुफिया ब्यूरो के प्रमुख राजीव के साथ बैठक की।