अयोध्या में मंदिर तय स्थान पर बनाने और मस्जिद को कहीं और शिफ्ट करने की पेशकश करने वाले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एक्जिक्यूटिव कमेटी के सदस्य मौलाना सलमान हुसैनी नदवी को रविवार (11 फरवरी) बोर्ड से बाहर कर दिया गया है। सलमान नदवी ने आर्ट ऑफ लिविंग के मुखिया श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की थी और मंदिर बनाने को लेकर नया फॉर्मूला दिया था।जिसके बाद सलमान हुसैनी नदवी के खिलाफ जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। बता दें कि मौलाना सलमान नदवी ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के गठन के बाद से ही उसके सदस्य हैं। सलमान नदवी को बाहर निकालने का फैसला हैदराबाद में किया गया है, जहां मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एग्जिक्यूटिव कमेटी की मीटिंग चल रही है।
ABP न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, मस्जिद को कहीं और शिफ्ट करने की पेशकश करने वाले सलमान नदवी के बयान से नाराज मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने उन पर कार्रवाई की जाए या नहीं, इसे लेकर 4 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, जिसने सलमान नदवी को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से निकालने का सुझाव दिया, जिसपर अमल करते हुए उन्हें मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से बाहर निकाल दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक हैदराबाद में चल रही मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में दो कार्यकारिणी सदस्यों कमाल फारूकी व डॉ. कासिम रसूल इलियास ने मौलाना नदवी का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि नदवी की बेंगलुरु में श्री श्री रविशंकर से मुलाकात और अयोध्या के विवादित स्थल से दूर मस्जिद के निर्माण की वकालत वाला बयान अनुशासनहीनता है। अन्य सदस्यों ने भी मांग इस पर सहमति जताई।
अयोध्या विवाद पर बयान देने वाले मौलाना सलमान नदवी को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से बाहर कर दिया गया है. सलमान नदवी ने श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की थी और मंदिर बनाने को लेकर फॉर्मूला दिया था pic.twitter.com/ggtzoCyzZV
— ABP न्यूज़ हिंदी (@abpnewshindi) February 11, 2018
गौरतलब है कि आर्ट ऑफ लिविंग के मुखिया श्री श्री रविशंकर और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के एक्जिक्यूटिव कमेटी के सदस्य सलमान हुसैनी नदवी की बेंगलुरु में मुलाकात हुई थी। हालांकि पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता खलील उर्रहमान सज्जात नोमानी का कहना है कि सलमान हुसैनी नदवी ने निजी हैसियत में श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की है।
वो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के नुमाइंदे के तौर पर श्रीश्री रविशंकर से मिलने नहीं गए थे। उल्लेखनीय है कि मौलाना सलमान हसनी नदवी ने श्री श्री रविशंकर से मुलाकात के दौरान मस्जिद किसी और स्थान पर बनाए जाने की पेशकश की थी। हुसैन नदवी ने कहा था कि मस्जिद को शिफ्ट किया जा सकता है। नदवी के इस बयान के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड नाराज हो गया था।