जजों के प्रेस कांफ्रेंस पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बोले- ‘सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज से कराई जाए जस्टिस लोया की मौत की जांच’

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आजाद भारत के इतिहास में शुक्रवार (12 जनवरी) को पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार मौजूदा जजों ने मीडिया के सामने आकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद चारों जजों ने एक चिट्ठी जारी की, जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

चार जजों की प्रेस कॉन्फेंस पर कांग्रेस ने जस्टिस लोया की मौत मामले की जल्द जांच की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज से जस्टिस लोया की मौत की जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि जस्टिस लोया की मौत मामले में उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। राहुल ने कहा कि ऐसी घटना पहली बार हुई जब सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा, “ये घटना पहली बार हुई है, अप्रत्याशित है। सुप्रीम कोर्ट के चार Hon’ble Judges ने महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। यह गंभीर मामला है। इसलिए कांग्रेस पार्टी ने बयान जारी किया है। मैंने ये माना कि मैं इस बारे कुछ शब्द कहूं।

जो सवाल Judges ने उठाए हैं, बहुत जरुरी सवाल हैं। इनको ध्यान से देखा जाना चाहिए, address किया जाना चाहिए। उन्होंने जज लोया जी की मृत्यु बारे बात उठाई है। इसकी investigation होनी चाहिए, सुप्रीम कोर्ट के Senior Judges द्वारा highest level पर investigation होनी चाहिए। हमारे लीगल सिस्टम पर हम सब भरोसा करते हैं। पुरा हिंदुस्तान भरोसा करता है। और आज जब ऐसी गंभीर बातें उठी हैं, इसलिए हम इस पर बयान जारी कर रहे हैं। कि सुप्रीम कोर्ट का जो आज मामला उठाया गया है, उसे गंभीरता से देखने की जरूरत है। राहुल ने कहा कि  जस्टिस लोया की मौत की जांच जरूरी है, पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जजों ने इस तरह से आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कानून पर हम सब का भरोसा, उसपर सवाल उठे हैं इसलिए जांच जरूरी है।”

बता दें कि प्रेस कॉन्फेंस के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जजों ने जस्टिस लोया का जिक्र किया था।

बता दें कि, गुजरात के चर्चित सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति के फर्जी मुठभेड़ मामले की अध्यक्षता करने वाले न्यायाधीश लोया की 2014 में नागपुर में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार से पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मांगी है। शीर्ष अदालत ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए यह रिपोर्ट मांगी है।

इस मामले की सोमवार को कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई होगी। जस्टिस लोया कथित सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे थे। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह इस केस में बरी हो चुके हैं। बता दें कि अंग्रेजी मैगजीन ‘द कैरवां’ में जस्टिस लोया की मौत पर परिवार के संदेह को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। इस रिपोर्ट के बाद देश के कई हिस्सों में जस्टिस लोया की मौत पर सवाल उठने लगे थे।

 

 

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