एक जनवरी को पुणे के पास स्थित भीमा-कोरेगांव में दलित समाज के शौर्य दिवस पर भड़की जातीय हिंसा के चलते आज (3 दिसंबर) पूरे महाराष्ट्र में बंद का ऐलान किया गया है। भीमराव आंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने हिंसा रोकने में सरकार की विफलता के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए आज महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है। आज सुबह से ही महाराष्ट्र में बंद का असर दिखने लगा है।
ठाणे में धारा 144 लागू की गई है, जबकि औरंगाबाद में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। बंद की चलते ट्रेन, बस, ऑटो से लेकर सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। एनएम जोशी मार्ग सहित कई अन्य जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने जबरन दुकानें बंद करवा दी। बता दें कि भीमा-कोरेगांव युद्ध के शौर्य दिवस के आयोजन को लेकर हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
महाराष्ट्र के ठाणे में 4 जनवरी आधी रात तक के लिए धारा-144 लगा दी गई है। पुणे से बारामती और सतारा तक बस सेवा भी अगले आदेश तक के लिए रोक दी गई है। ऐहतियात के तौर पर कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच बस सेवा को भी रोक दिया गया है। महाराष्ट्र बंद होने से राज्य की 40 हजार बसें नहीं चलेंगी और पुणे हाईवे भी बंद रहेगा। साथ ही औरंगाबाद में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है।
#Maharashtra: Protesters halt buses, auto-rickshaws at Lal Bahadur Shastri Road in #Thane, also deflate bus tyres #BhimaKoregaonViolence pic.twitter.com/Me37mxNjgW
— ANI (@ANI) January 3, 2018
Activist and grandson of BR Ambedkar, Prakash Ambedkar gave a call for Maharashtra bandh today: Visuals from Chembur #BhimaKoregaonViolence pic.twitter.com/MUBpKgTVX7
— ANI (@ANI) January 3, 2018
दलितों के प्रदर्शन के कारण यातायात में होने वाली दिक्कतों को देखते हुए डब्बावालों ने आज सेवा रोकने का फैसला किया है। वहीं, सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ ने बताया कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने ठाणे में रेल सेवा बाधित करने की कोशिश की, लेकिन सीआरपीएफ और अधिकारियों ने स्थिति को संभाल लिया। अब अगले आदेश तक पुणे के बारामती से सतारा तक की रेल सेवा रोक दी गई है। वहीं हड़ताल को देखते हुए ठाणे के कई स्कूलों को बंद कर दिया गया है।
अंबेडकर ने कहा कि 250 से अधिक दलित संगठनों का इस बंद को समर्थन है। महाराष्ट्र बंद का समर्थन महाराष्ट्र लोकतांत्रिक गठबंधन, वामपंथी लोकतांत्रिक गठबंधन, जातिमुक्त आंदोलन परिषद और एल्गार परिषद में शामिल 250 संगठनों के मोर्चे और संभाजी ब्रिगेड ने किया है। बंद को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
#Maharashtra: Many schools in #Thane shut, administration says "considered safety and security of students" #BhimaKoregaonViolence pic.twitter.com/n3YguYDLE5
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Maharashtra: Protesters halt a train at Thane Railway Station over #BhimaKoregaonViolence pic.twitter.com/BHLsWmfpmk
— ANI (@ANI) January 3, 2018
महाराष्ट्र बंद के बाद लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल और कांग्रेस सांसद रजनी पटेल ने पुणे हिंसा को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिया है। वहीं लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्थगन प्रस्ताव दिया है। इस मामले पर आज संसद में हंगामे के आसार हैं।
देखिए लाइव अपडेट:-
कांग्रेस बांटो और शासन करो की राजनीति कर रही है। और सबका साथ सबका विकास करके नरेंद्र मोदी जी देश को साथ ले रहे हैं: अनंत कुमार
पुणे हिंसा पर संसद में भिड़ीं कांग्रेस और बीजेपी, अनंत कुमार बोले- ‘आग को बुझाने के बजाय भड़काने का काम मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी कर रही है’
महाराष्ट्र: पुणे हिंसा को लेकर संसद में हंगामा, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- समाज में बंटवारा करने के लिए, कट्टर हिंदुत्ववादी जो वहां (महाराष्ट्र) RSS के लोग हैं, इसके (हिंसा) पीछे उनका हाथ है, उन्होंने ये काम करवाया है।
असाल्फा और घाटकोपर से एयरपोर्ट तक की मेट्रो सेवा ठप
ठाणे में प्रदर्शनकारियों ने बसें, ऑटो-रिक्शा रोक दिए हैं। लाल बहादुर शास्त्री रोड पर बसों के टायरों की हवा निकाल दी गई है।
एनएम जोशी मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने जबरन बंद कराई दुकानें
महाराष्ट्र के कई शहरों में फैली हिंसा की आग
महाराष्ट्र के पुणो में सोमवार को भीमा-कोरेगांव युद्ध की 200वीं सालगिरह पर हुई हिंसा की आग मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में फैल गई। मुंबई, औरंगाबाद और अहमदनगर सहित तमाम शहरों में दलित संगठनों ने उग्र प्रदर्शन किया।अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को पुणो में हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसको लेकर दलित संगठनों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में फैल गया।
सबसे अधिक बवाल मुंबई में हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने सड़क और रेलमार्ग को बाधित कर दिया। करीब 160 बसों में तोड़फोड़ की गई। महानगर में जगह-जगह पत्थरबाजी हुई और बसों के शीशे तोड़ दिए गए। पुलिस और पत्रकारों के साथ मारपीट भी की गई। पुलिस के पीआरओ सचिन पाटील ने बताया कि 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए न्यायिक जांच के आदेश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में हुई हिंसा की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिया है। इसके साथ ही हिंसा में मारे गए युवक के परिजन को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। फडणवीस के मुताबिक मामले की पूरी जांच बॉम्बे हाईकोर्ट के जज करेंगे।
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में ट्वीट कर बीजेपी और आरएसएस पर फासिस्ट सोच होने का आरोप लगाया है। जबकि बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी इस हिंसा के लिए आरएसएस और बीजेपी को जिम्मेदार बताया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि ये जो घटना घटी है ये रोकी जा सकती थी। सरकार को वहां सुरक्षा का उचित प्रबंध करना चाहिए था।
क्या है पूरा मामला?
हिंसा की शुरुआत पुणे के कोरेगांव-भीमा से सोमवार (1 जनवरी) को तब शुरू हुई, जब कुछ दलित संगठनों ने 1 जनवरी 1818 में यहां पर ब्रिटिश सेना और पेशवा के बीच हुए युद्ध की 200वीं वर्षगांठ मनाने जुटे। भीमा-कोरेगांव युद्ध के शौर्य दिवस के आयोजन को लेकर हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई। दरअसल कोरेगांव भीमा में 1 जनवरी 1818 को पेशवा बाजीराव पर ब्रिटिश सैनिकों की जीत की 200वीं सालगिरह मनाई जा रही थी।
इतिहासकारों के मुताबिक 1 जनवरी 1818 को भीमा-कोरेगांव में अंग्रेजों की सेना ने पेशवा बाजीराव द्वितीय की 28,000 सैनिकों को हराया था। दलित नेता इस ब्रिटिश जीत का जश्न मनाते हैं। दलित नेता ब्रिटिश फौज की इस जीत का जश्न इसलिए मनाते हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जीतने वाली ईस्ट इंडिया कंपनी से जुड़ी टुकड़ी में ज्यादातर महार समुदाय के लोग थे, जिन्हें अछूत माना जाता था। इसे कोरेगांव की लड़ाई भी कहा जाता है। दलित समुदाय इस युद्ध को ब्रह्माणवादी सत्ता के खिलाफ जंग मानता है।
एक जनवरी को पुणे में कुछ दक्षिणपंथी समूहों ने इस ‘ब्रिटिश जीत’ का जश्न मनाए जाने का विरोध किया था। हिंसा तब शुरू हुई जब एक स्थानीय समूह और भीड़ के कुछ सदस्यों के बीच स्मारक की ओर जाने के दौरान किसी मुद्दे पर बहस हुई। भीमा कोरेगांव की सुरक्षा के लिए तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि, ‘‘बहस के बाद पथराव शुरू हुआ। हिंसा के दौरान कुछ वाहनों और पास में स्थित एक मकान को क्षति पहुंचाई गई।’’