गुरुवार (21 दिसंबर) को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने टू-जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और DMK सांसद कनिमोझी और कई अन्य पर अहम फैसला सुनाया। पटियाला हाउस की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने ए राजा और कनिमोझी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।
आरोपियों के बरी होते ही कोर्ट के बाहर लगे समर्थकों में जोश की लहर दौड़ पड़ी, सभी समर्थकों के बीच लड्डू और मिठाईयां बांटी जाने लगी। आपको बता दे कि तीनों केसों में आरोपियों को बरी किया गया है।
आरोपियों के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि जज साहब ने सबूतों के अभाव में मेरे क्लांइट को तीनों मामलों में बरी कर दिया गया है, इस केस में कहीं भी कुछ नहीं था।
जबकि इस मामले में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदम्बरम ने कहा कि ऐसा कोई घोटाला हुआ ही नहीं था इसलिए पाटियाला हाउस कोर्ट ने अपना सही फैसला सुनाते हुए बरी का आदेश दिया है।
Allegation of a major scam involving the highest levels of Government was never true, was not correct and that has been established today: P Chidambaram,Congress #2GScamVerdict pic.twitter.com/bfVgL14ES9
— ANI (@ANI) December 21, 2017
वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि, कोर्ट ने साफ तौर पर पाया कि गलत लोगों को फंसाया गया है। कानून ने ठीक उसी तरह से काम किया है जैसा हम उससे उम्मीद करते हैं।
Clearly the Court found that innocent people have been wronged. Justice has worked as it is supposed to work in our country: Shashi Tharoor, Congress #2GScamVerdict pic.twitter.com/MK8IEYHVuV
— ANI (@ANI) December 21, 2017
वहीं, कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि, विनोद राय को देश के सामने माफी मांगनी चाहिए। मैं कभी यू टर्न नहीं लेता। कोई घोटाला नहीं हुआ था और कोई नुकसान नहीं हुआ था।
Aaj meri baat siddh ho gayi, koi corruption nahi, koi loss nahi. Agar scam hai to jhooth ka scam hai, vipaksh aur Vinod Rai ke jhooth ka. Vinod Rai ko desh ke saamne maafi maangni chahiye: Kapil Sibal,Congress #2Gverdict pic.twitter.com/nHTCTyiziC
— ANI (@ANI) December 21, 2017
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि, हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार साबित हुए हैं।
देखिए वीडियो
#WATCH: Former PM Manmohan Singh says, 'the court judgement has to be respected. I'm glad that the court has pronounced that the massive propaganda against UPA was without any foundation.' #2GScamVerdict pic.twitter.com/9WAhwjekph
— ANI (@ANI) December 21, 2017
वहीं पटियाला हाउस कोर्ट के इस फैसले पर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि, अगर सरकार के पास पुख्ता सबूत हैं तो उसे मामले को हाई कोर्ट में ले जाना चाहिए।
If the Government has concrete evidence, then they should take the matter to a higher court: Anna Hazare #2GScamVerdict pic.twitter.com/wkTmT9JJm3
— ANI (@ANI) December 21, 2017
बता दें कि, 2010 में कंप्ट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) रहे विनोद राय की रिपोर्ट में घोटाले का खुलासा हुआ था। घोटाले पर सुनवाई छह साल पहले 2011 में शुरू हुई थी जब अदालत ने 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। ये पूरा घोटाला 1.76 लाख करोड़ का माना जाता है।
आपको बता दे कि तीनों केसों में आरोपियों को बरी किया गया है। इस मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, डीएमके सांसद कनिमोई सहित कई हाई-प्रोफाइल लोग आरोपी थे।
पहले केस में सीबीआई ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और DMK सांसद कनिमोझी, पूर्व टेलीकॉम सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, ए राजा के तत्कालीन निजी सचिव आरके चंदौलिया, स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर शाहिद उस्मान बलवा, विनोद गोयनका, यूनिटेक के एमडी संजय चंद्रा, कुशेगांव फ्रूट्स एवं वेजिटेबल के आसिफ बलवा, राजीव अग्रवाल, शरुद कुमार और सिनेयुग फिल्म के करीम मोरानी के साथ रिलायंस के गौतम जोशी, सुरेंद्र पिपारा, हरि नैयर को आरोपी बनाया गया था। इन तमाम आरोपियों के अलावा रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, यूनिटेक वायरलेस को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया था।