मोदी सरकार ने साढ़े तीन साल में विज्ञापन पर करदाताओं के 3,755 करोड़ रुपये खर्च कर दिए, RTI से हुआ खुलासा

0

मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के साढ़े तीन वर्ष के दौरान इस वर्ष अक्टूबर तक विज्ञापनों पर करीब 3,755 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के जरिए हासिल जानकारी से शुक्रवार (8 दिसंबर) को यह खुलासा हुआ है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आरटीआई के जवाब में बताया कि, “इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट मीडिया और बाहरी (आउटडोर) विज्ञापनों पर अप्रैल 2014 से अक्टूबर 2017 तक खर्च की गई राशि लगभग 3,755 करोड़ रुपए है।”

(AP Photo)

न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक यह आरटीआई नोएडा के एक आरटीआई कार्यकर्ता रामवीर तंवर ने दाखिल की थी, जिसकी प्रति आईएएनएस के पास उपलब्ध है। सूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने सामुदायिक रेडियो, डिजिटल सिनेमा, दूरदर्शन, इंटरनेट, एसएमएस व टीवी समेत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन पर करीब 1,656 करोड़ रुपए खर्च किए। प्रिंट मीडिया के लिए, सरकार ने 1,698 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए।

आरटीआई से पता चला है कि सरकार ने बाहरी विज्ञापनों, जिसमें होर्डिंग, पोस्टर, बुकलेट्स व कैलेंडर शामिल हैं, पर 399 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए। वर्ष 2016 में तंवर द्वारा दाखिल आरटीआई से खुलासा हुआ था कि केंद्र ने एक जून, 2014 से 31 अगस्त, 2016 के बीच ऐसे विज्ञापनों पर 11,00 करोड़ रुपए खर्च किए, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी को दिखाया गया था।

मंत्रालय ने विज्ञापन खर्च पर जो आंकड़े दिए हैं, उसके अनुसार, एक जून, 2014 से 31 मार्च, 2015 के बीच 448 करोड़ रुपए खर्च किए गए। वहीं एक अप्रैल, 2015 से 31 मार्च, 2016 तक 542 करोड़ रुपए और एक अप्रैल, 2016 से 31 अगस्त, 2016 तक 120 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।

ये आंकड़े केवल टेलीविजन, इंटरनेट व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर खर्च किए गए आंकड़े हैं, जिसमें बाहरी व प्रिंट विज्ञापन पर किया गया खर्च शामिल नहीं है। वर्ष 2015 में एक आरटीआई से खुलासा हुआ था कि केंद्र ने जुलाई 2015 तक प्रधानमंत्री के मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ के लिए अखबारों में करीब 8.5 करोड़ रुपए के विज्ञापन दिए थे।

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस दोनों ने आम आदमी पार्टी (आप) की वर्ष 2015 में उनकी उपलब्धि को दर्शाते विज्ञापन पर 526 करोड़ रुपए खर्च करने पर पार्टी की काफी आलोचना की थी।

Previous article“We will not imitate BJP and Modi on abuses, We will respect the post of prime minister”
Next articleउत्तर प्रदेश: शिक्षकों के विरोध के बावजूद पीलीभीत में 100 से अधिक प्राइमरी स्कूलों को ‘भगवा रंग’ में रंगा गया