‘मैं नहीं चाहता कि देश मेरी विनम्र पृष्ठभूमि के आधार पर दया करे’

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गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखें जितना नजदीक आती जा रहीं है, राजनीतिक दल के नेता उतनी ही तेजी से राज्य में चुनाव प्रचार कर मतदाओं को रिझाने में लगे हुए है। राज्य में चुनामी धमासान के बीच सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस लगातार एक दूसरे पर हमलावर हैं।

जहां एक तरफ बीजेपी के लिए वोट मांगने खुद पीएम मोदी चुनावी अखाड़े में उतर चुके हैं तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक सभी दिग्गज नेता गुजरात सरकार को घेरने में लगे हैं।

इसी बीच शनिवार (2 दिसंबर) को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सूरत में कारोबारियों को संबोधित किया। जहां उन्होंने पीएम मोदी द्वारा बार-बार गरीबी में अपने गुजरे बचपन का जिक्र करने पर कहा कि वे नहीं चाहते कि उनके बैकग्राउंड को लेकर देश उन पर तरस खाए।

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि वह नहीं चाहते कि लोग उनकी ‘गरीबी की पृष्ठभूमि’ पर तरस खाएं और इसे लेकर वह अपने उत्तराधिकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोई प्रतिस्पर्धा नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, मैं नहीं चाहता कि देश मेरी विनम्र पृष्ठभूमि के आधार पर दया करे। मैं नहीं समझता कि इस मामले में प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ मैं किसी प्रतिस्पर्धा में हूं।

पूर्व पीएम ने यह बात एक सवाल के जवाब में कही, जिसमें उनसे पूछा गया कि वह अपनी गरीबी की पृष्ठभूमि के बारे में बात क्यों नहीं करते हैं, जिस तरह मोदी हमेशा बचपन में अपने परिवार की मदद के लिए गुजरात के रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने की बात करते हैं।

बता दें कि, पिछले हफ्ते एक चुनाव रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था, मेरे गरीब मूल की वजह से कांग्रेस मुझे नापसंद करती है। उन्होंने कहा था कि, मैं कांग्रेस से अनुरोध करता हूं कि गरीबों और मेरे गरीब मूलों का मजाक उड़ाए न।

नोटबंदी पर बोलते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि हम उन 100 लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने नोटबंदी के दौरान लाइन में खड़े-खड़े जान गंवा दी। 8 नवंबर भारतीय अर्थव्यवस्था का काला दिवस है।

मैं जानता हूं कि पिछले एक वर्ष में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है लेकिन हम एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते उनका समाधान करने की हर संभव कोशिश करेंगे।

गौरतलब है कि, गुजरात विधानसभा की कुल 182 सीटों के लिए दो चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। पहले चरण का चुनाव 9 दिसंबर, जबकि दूसरे चरण का चुनाव 14 दिसंबर को होगा। जबकि वोटों की गिनती हिमाचल प्रदेश विधानसभा के साथ ही 18 दिसंबर को होगा।

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