पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस में तीखी झड़प हुई। इस दौरान पुलिस पर भी पत्थर फेंके गए और आगजनी की घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया। बताया जा रहा है कि सरकार ने टीवी पर झड़प के प्रसारण पर रोक लगा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक एक पुलिस वाले की मौत भी हुई है।
मीडियो रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियमन प्राधिकरण ने सुरक्षा बलों के अभियान का के सीधा प्रसारण को मीडिया नियमन का उल्लंघन करार देते हुए निजी समाचार चैनलों के प्रसारण पर रोक लगा दी है। पाकिस्तान के गृहमंत्री एहसान इकबाल के खिलाफ शुक्रवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट (आईएचसी) ने अदालत की अवमानना का नोटिस जारी किया था जिसके बाद यह अभियान शुरू किया गया। यह नोटिस अदालत के, सड़क खाली कराने से संबद्ध आदेश को लागू करने में नाकाम रहने के बाद जारी किया गया।
सरकारी चैनल पाकिस्तान टी.वी. का प्रसारण जारी है लेकिन उस पर राजनीतिक परिचर्चा का टॉक शो प्रसारित किया जा रहा है। पाकिस्तानी पुलिस ने पिछले 2 सप्ताह से अधिक समय से इस्लामाबाद का मुख्य मार्ग अवरुद्ध करने वाले कट्टरपंथी प्रदर्शनकारियों को जब हटाने का प्रयास किया तो वे उन पर पथराव करने लगे।
इस्लामिक प्रदर्शनकारियों पर पुलिस और सैन्य कार्रवाई के दौरान एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस झड़प में करीब 100 लोगों के घायल होने की खबर है। सुरक्षाबलों ने 150 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। शनिवार की सुबह तक को पुलिस धीरे-धीरे क्षेत्र को खाली करवाकर जमा भीड़ को तीतर-बीतर करने में लगी हुई थी। ये प्रदर्शनकारी आस-पास की गलियों में छिप गए थे। फिर वापस से प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए और पुलिस पर हमला बोल दिया।



















