केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने के लिये संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में फिर विधेयक पेश करेगी। शीर्ष सरकारी अधिकारियों ने गुरुवार (23 नवंबर) को यह बात बताई।
न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि यह कदम राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) को अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा के लिये पूर्ण अधिकार प्रदान करने में मददगार होगा। एक अधिकारी ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर बताया कि सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के लिये समानता और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है और संसद के आसन्न सत्र में इस विधेयक को लाने का निर्णय किया है।
उल्लेखनीय है कि प्रस्तावित विधान को ओबीसी समुदाय के मतदाताओं पर पकड़ मजबूत बनाने के भाजपा के कदम के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिये राष्ट्रीय आयोग के समकक्ष दर्जा प्रदान करने के लिये सरकार ने पहले एक विधेयक पेश किया था।
आपको बता दें कि प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक पहले लोकसभा में पेश किया गया जहां यह पारित हो गया। लेकिन राज्यसभा में यह कुछ संशोधनों के साथ पारित हुआ। इसके कारण विधेयक के दो तरह के प्रारूप दोनों सदनों से पारित हुए। ऐसे में अब विधेयक को लोकसभा में फिर से पेश किया जाएगा।



















