‘पैराडाइज पेपर’ से आया सामने कालेधन को रोकने में नाकाम रही नोटबंदी: प्रकाश करात

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‘पनामा पेपर’ के बाद अब ‘पैराडाइज पेपर्स’ (1.34 करोड़ दस्तावेज) में टैक्सचोरी कर विदेश में कालाधन छुपाने के मामलों से जुड़ी फाइलें सामने आई हैं। इस खुलासे ने भारत सहित दुनिया भर को हिलाकर रख दिया है। इसमें ब्रिटेन की महारानी की निजी जागीर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई मंत्रियों, कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रू़डो के मुख्य फंडरेजर, मोदी सरकार के मंत्री जयंत सिन्हा, बिहार से बीजेपी के राज्यसभा सांसद रवींद्र किशोर (आरके) सिन्हा और फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन सहित 714 भारतीयों के नाम शामिल हैं।

फाइल फोटो- माकपा नेता प्रकाश करात

इसी बीच माकपा नेता प्रकाश करात ने कहा है कि हाल ही में पैराडाइज पेपर लीक मामले में हुए खुलासे से मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी से कालेधन पर रोक लगने के दावे की पोल खुल गई है। न्यूज़ एजेंसी भाषा की ख़बर के मुताबिक, प्रकाश करात ने माकपा के मुखपत्र पीपुल्स डेमोक्रसी के आगामी अंक के संपादकीय लेख में कहा कि इस खुलासे से यह भी साफ हो गया है कि मोदी सरकार कालेधन के खिलाफ कितनी मुस्तैदी से लड़ रही है।

करात ने कहा कि कर छूट के दायरे से बाहर रखे गये देशों में पैसा जमा करना नवउदार पूंजीवाद के दोहरे मानदंडों को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह एक अंग्रेजी अखबार में हुए इस खुलासे में कर चोरी के लिये मुफीद माने गये देशों में कारोबार करने वालों की फेहरिस्त में 714 भारतीयों के नाम सामने आये हैं।

करात ने इस मामले के खुलासे का हवाला देते हुए कहा कि कर चोरी के लिए उपयुक्त माने गए टेक्स हेवन देशों में कारोबार की अनुमति देने वाले प्रावधानों को दुरुस्त कर सरकार को कालेधन को जमा करने के इन दरवाजों को सख्ती से बंद करना चाहिए।

क्या हैं पैराडाइज पेपर्स?

1.34 करोड़ दस्तावेजों के इस सेट को ‘पैराडाइज पेपर्स’ नाम दिया गया है। अपने देश में टैक्स बचाने के लिए विदेश में किए गए निवेश के बारे में खुफिया जानकारी देने वाले दस्तावेजों का पुलिंदा है। यह खुलासा पनामा पेपर्स के खुलासे के 18 महीनों बाद हुआ है, दोनों ही खुलासे जर्मनी के अखबार जीटॉयचे साइटुंग ने किए हैं।

इन खुलासों को करने के लिए इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) की ओर से छानबीन की गई है। आईसीआईजे जांच को लेकर वैश्विक स्तर पर 96 मीडिया सहयोगियों के साथ काम करता है। ये पेपर्स खुलासा करते हैं कि कैसे दुनियाभर के राजनेता, सेलेब्रिटी और अमीर लोग अपने अर्जित संपत्ति पर टैक्स बचाने के लिए टैक्स हेवेन देशों में निवेश करने के साथ तमाम हथकंडे अपनाते हैं।

आईसीआईजे के भारतीय सहयोगी मीडिया संस्थान इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इस लिस्ट में कुल 714 भारतीयों के नाम शामिल हैं। वहीं दुनिया भर की बात करें तो इस लिस्ट में कुल 180 देशों के नाम हैं। इस लिस्ट में भारत 19वें नंबर पर है। जिन दस्तावेजों की छानबीन की गई है, उनमें से ज्यादातर बरमूडा की लॉ फर्म ऐपलबाय के हैं।

आईसीआईजे की मीडिया सहयोगी इंडिया एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पैराडाइज पेपर्स में जिन भारतीयों के नाम है, उसमें बालीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन, फरार व्यवसायी विजय माल्या, कंपनियों के लिये जन संपर्क का काम करने वाली नीरा राडिया, संजय दत्त की पत्नी मान्यता, केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा और राज्यसभा सदस्य आर के सिन्हा के नाम हैं।

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