वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और डिजीटल लेनदेन पर की गई टिप्पणी के कारण अभिनेता विजय अभिनीत तमिल फिल्म ‘मर्सल’ विवाद में आ गई है। इस बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ‘मर्सल’ में कुछ संवाद हटाए जाने की मांग करने के लिए तमिलनाडु बीजेपी पर शनिवार(21 अक्टूबर) को जमकर हमला बोला। इस फिल्म में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) का कथित तौर पर उपहास उड़ाया गया है।इससे पहले केंद्रीय मंत्री पी राधाकृष्णन ने मांग की कि उन संवादों को फिल्म से निकाला जाना चाहिए जो उनके अनुसार जीएसटी के बारे में असत्य हैं। बता दें कि बीजेपी नीत राजग सरकार ने एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी लागू किया है। वहीं, बीजेपी की तमिलनाडु इकाई की प्रमुख टी सुंदरराजन ने कहा था कि जीएसटी के बारे में फिल्म में गलत संदर्भ दिया गया है। उन्होंने कहा कि विख्यात हस्तियों को जनता के बीच गलत सूचनाएं दर्ज करवाने से परहेज करना चाहिए।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार (21 अक्टूबर) को मर्सल के बहाने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा, श्रीमान नरेंद्र मोदी सिनेमा तमिल संस्कृति एवं भाषा की सशक्त अभिव्यक्ति है। ‘मर्सल’ में हस्तक्षेप कर तमिल गौरव का विमुद्रीकरण मत करिये।
Mr. Modi, Cinema is a deep expression of Tamil culture and language. Don't try to demon-etise Tamil pride by interfering in Mersal
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 21, 2017
वहीं कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भी इस फिल्म को लेकर सरकार पर तंज किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘फिल्म निर्माताओं को नोटिस: कानून आने ही वाला है, आप केवल सरकार की नीतियों की सराहाना करने वाले वृत्त चित्र बना सकते हैं।’
Notice to film makers: Law is coming, you can only make documentaries praising government's policies.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) October 21, 2017
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि बीजेपी मर्सल में संवाद निकालने को कह रही है। कल्पना करिए कि आज ‘पराशक्ति’ रिलीज हुई होती।
BJP demands deletion of dialogues in 'Mersal'. Imagine the consequences if 'Parasakthi' was released today.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) October 21, 2017
बता दें कि ‘पराशक्ति’ 1952 में आयी तत्कालीन शीर्ष स्टार शिवाजी गणेशन की पहली फिल्म थी, जिसके संवाद द्रमुक प्रमुख एम करूणानिधि ने लिखे थे। उस समय करूणानिधि भी उभरते हुए पार्टी नेता एवं पटकथा लेखक थे। इस सुपर हिट फिल्म के संवाद बहुत ही प्रभावशाली थे, जिसमें सुधार और समतामूलक आदर्शों को महत्व दिया गया है।
इस सीन को हटाना चाहती है BJP
दरअसल, बीजेपी का आरोप है कि इस फिल्म में जीएसटी और नोटबंदी के बारे में ‘गलत जानकारी’ दी गई है। फिल्म के एक दृश्य में बताया गया है कि सरकार जीएसटी ले रही है, लेकिन लोगों को उसके बदले कोई भी सुविधा नहीं दे रही है। बीजेपी जिस सीन को हटाना चाह रही है, वह सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
फिल्म के इस सीन में अभिनेता विजय कहते हैं, ‘सिंगापुर में लोग सात फीसदी जीएसटी देते हैं और बदले में सरकार मुफ्त चिकित्सा सेवा दे रही है। भारत सरकार 28 फीसदी जीएसटी वसूल कर रही है। लेकिन सरकार मुफ्त में चिकित्सा सेवा क्यों नहीं दे सकती? क्यों? दवाइयों के लिए हम 12 फीसदी टैक्स दे रहे हैं। लेकिन शराब पर कोई जीएसटी नहीं है। भारत में सरकारी अस्तपाल में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं हैं।’
विजय आगे कहते हैं, ‘यह जानना चाहता हूं कि ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं होने के पीछे क्या वजह थी। दो साल से अस्पताल के पास ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए देने को पैसे नहीं थे। एक अन्य सरकारी अस्पताल में डायलेसिस के दौरान बिजली चली जाती है। चार लोग मर गए। शर्मनाक, उनके पास पावर बेकअप नहीं था। आईसीयू में रखे गए बच्चे की चूहे द्वारा काटने से मौत हो जाती है। लोगों को सरकारी अस्पताल से डर लगता है।’
Scene that North Korean President Kim Jong-Un wants to delete from the Movie "Mersal". (2017) pic.twitter.com/suBoE1s0ea
— History of India (@RealHistoryPic) October 21, 2017