उत्तर प्रदेश की जेलों में अब गौशाला खुलेंगी। जी हां, जिन जेलों में जमीन उपलब्ध है उनमें गाय पाली जाएगी। गाय पालने की जिम्मेदारी कैदियों पर रहेगी। वहीं गोबर का इस्तेमाल जैविक खाद में किया जाएगा। गायों का दूध, घी, दही की सप्लाई जेलों में ही होगी। यह बातें प्रदेश के कारागार राज्यमंत्री जयप्रकाश सिंह जैकी ने बुधवार(13 सितंबर) को कही।
(HT file photo)हिंदुस्तान में छपि रिपोर्ट के मुताबिक, आगरा के सर्किट हाउस में बुधवार को कारागार राज्यमंत्री ने कहा कि जिन जेलों में जमीन उपलब्ध है उनमें गाय पाली जाएगी। गाय पालने की जिम्मेदारी कैदियों पर रहेगी। इसके लिए गौशाला का प्रभारी भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुलाकात पर नजर रखी जाए, लेकिन आम जनता का शोषण भी नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में बदलाव दिख रहा है। इसका संदेश जेलों के माध्यम से भी जाना चाहिए। जेलों के पास 14 व 15 मंजिल इमारत कैसे बन रही है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अब जेलों में मल्टीस्टोरी बैरक भी बनाई जाएगी। जिससे जेलों में क्षमता से अधिक बंदी होने पर दिक्कत नहीं आएगी।
सिंह ने कहा कि 24 जेलों पर जैमर लग चुके हैं तथा 12 जेलों में काम कर रहे हैं। कुछ जेलों पर 3जी व 4जी के चक्कर में दिक्कत आ रही है। हालांकि इसे दूर कराया जा रहा है। इस दौरान सिंह ने कहा कि कैदियों की समय पूर्व रिहाई पर भी विचार चल रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों की बैठक में सुरक्षा के मद्देनजर सभी उपकरणों को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए।