बिहार में आए दिन अपराध की सनसनीखेज घटनाओं ने ये सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या नीतीश-मोदी सरकार बनने के बाद बिहार में फिर से जंगलराज लौट आया है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है, क्योंकि गुरुवार(8 सितंबर) को एक पत्रकार पर जानलेवा हमले के एक दिन बाद शुक्रवार(8 सितंबर) को राजधानी पटना में बाढ़ कोर्ट परिसर में बेखौफ अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर सनसनी फैला दी।
(प्रतीकात्मक फोटो)न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, पटना के बाढ़ कोर्ट परिसर में शुक्रवार को अज्ञात अपराधियों द्वारा तीन कैदियों पर जानलेवा हमला किया गया। इस फायरिंग में एक कैदी की मौत हो गई है, जबकि 2 कैदी गंभीर रुप से घायल हो गए हैं। घायल कैदियों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि बाढ़ राजधानी पटना से सटा हुआ एक शहर है।
Three prisoners attacked in Bihar's Barh Court. One dead, two injured.
— ANI (@ANI) September 8, 2017
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि तीनों कैदियों पर यह हमला कोर्ट परिसर में हुआ है। बताया जा रहा है कि पुरानी विवाद में गुड्डू सिंह की हत्या कोर्ट परिसर में हुई है। फिलहाल, यह मामला पुरानी रंजिश का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, हालात काबू में हैं। इस घटना से कोर्ट परिसर में सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक कैदी का नाम गुड्डू बताया जा रहा है जो बाप-बेटे के हत्या में आरोपी था। गुड्डु सिंह को सीने में गोली लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि घायल अन्य दोनों कैदियों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के मुताबिक कैदी कोर्ट में पेशी के लिए कोर्ट में लाए गए थे।
पत्रकार को मारी गोली
बता दें कि इससे पहले गुरुवार को अरवल में राष्ट्रीय सहारा समाचारपत्र में काम करने वाले स्थानीय पत्रकार पंकज मिश्रा को दो बाइक सवारों ने गोली मार दी। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। अरवल के एसपी दिलीप कुमार ने बताया कि मिश्रा को उनके गांव के ही दो लोगों ने गोली मारी है। मिश्रा बैंक से एक लाख रुपये कैश लेकर निकले थे, जिसे बाइक सवारों ने लूट लिया।