केंद्रीय मंत्रिमंडल में रविवार(3 अगस्त) को तीसरा और संभवत: आखिरी फेरबदल होगा। सुबह 10.30 पर राष्ट्रपति भवन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी मंत्रिमंडल में नौ नए मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, इस फेरबदल में किसी भी सहयोगी दल से मंत्री नहीं बनाया जाएगा।
File photoसूत्रों के अनुसार, शपथ लेने वालों में राजकुमार सिंह, सत्यपाल सिंह, शिव प्रताप शुक्ला, अश्विनी चौबे, हरदीप सिंह पुरी, अनंत हेगड़े, वीरेंद्र कुमार, गजेंद्र सिंह शेखावत और केजे अल्फोंस शामिल हैं। आने वाले वक्त में गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होना है, साथ ही लोकसभा चुनाव में भी दो साल से कम का वक्त बचा है, ऐसे में इस कैबिनेट फेरबदल और पीएम की नई टीम पर सबकी निगाहें हैं।
मिशन-2019 के पहले सरकार के काम को बेहतर करने के लिए नौ नए चेहरों को शामिल करने का फैसला किया है। इसमें प्रशासनिक क्षेत्र के अनुभवी लोगों से लेकर लंबे समय तक संगठन व राज्य सरकारों में मंत्री रहे नेता शामिल हैं। विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी हरदीप सिंह पुरी व पूर्व प्रशासनिक अधिकारी केजे अल्फोंस अभी किसी सदन के सदस्य नहीं है।
वहीं, उत्तर प्रदेश से शिव प्रताप शुक्ला व सत्यपाल सिंह को मंत्री बनाया जा रहा है। कलराज मिश्र के इस्तीफे के बाद शिव प्रताप शुक्ला राज्य के प्रमुख ब्राह्मण चेहरा होंगे। संजीव बालियान की जगह बागपत के सांसद और मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त सत्यपाल को मंत्री बनाया जा रहा है। इससे जाट राजनीति का संतुलन बनाए रखा गया है।
जबकि बिहार से अश्विनी चौबे और राजकुमार सिंह को मंत्री बनाया जा रहा है। अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए मध्य प्रदेश से वीरेंद्र कुमार व कर्नाटक से अनंत हेगड़े को मंत्री बनाया जा रहा है। हेगड़े राज्य के ताकतवर लिंगायत समुदाय से आते हैं।
नए मंत्रियों को सरकार में शामिल किए जाने के साथ ही कुछ मंत्रियों का कद भी बढ़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, निर्मला सीतारमण धर्मेद्र प्रधान और पीयूष गोयल कैबिनेट मंत्री बनाए जा सकते हैं। ये अभी स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री हैं। जबकि फेरबदल में कुछ मंत्रियों के विभाग बदलने की संभावना है। कृषि मंत्री राधामोहन सिंह व रेल मंत्री सुरेश प्रभु के भी विभाग बदले जा सकते हैं।