शाहिद खाकान अब्बासी बने पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री, नवाज शरीफ की ली जगह

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पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक पूर्व पेट्रोलियम मंत्री और पीएमएलएन के वरिष्ठ नेता शाहिद खाकान अब्बासी पाकिस्तान के 18वें प्रधानमंत्री होंगे। नया प्रधानमंत्री चुनने के लिए पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में मतदान किया गया। वोटिंग में शाहिद खाकान अब्बासी ने विश्वासमत हासिल कर लिया। अब शाहिद खाकान पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री होंगे। अब्बासी पाकिस्तान के 18वें पीएम हैं।

FILE PHOTO: REUTERS

बता दें कि पनामा गेट मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद कुर्सी छोड़ने वाले नवाज शरीफ की जगह पर अब्बासी को पाकिस्तान का अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था। पाक मीडिया का कहना है कि नवाज शरीफ के भाई शहबाज के संसद का सदस्य चुने जाने तक अब्बासी अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में सरकार चलाएंगे।

यानी शाहिद अब्बासी 45 दिनों तक पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री का पदभार संभालेंगे। इस बीच में पंजाब के मुख्यमंत्री और नवाज के छोटे भाई शहबाज शरीफ चुनाव लड़कर नेशनल असेंबली में अपनी जगह बनाएंगे और फिर वह अब्बासी की जगह पीएम की कुर्सी संभालेंगे।

भ्रष्टाचार में गई नवाज शरीफ की कुर्सी

बता दें कि पाकिस्तान के शीर्ष न्यायालय ने शुक्रवार(28 जुलाई) को भ्रष्टाचार के मामले में पाकिस्तान के तीन बार के प्रधानमंत्री को अयोग्य ठहराते हुए व्यवस्था दी कि पनामा पेपर्स के खुलासे को लेकर उनके और उनकी संतानों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले चल सकते हैं। फैसले के तुरंत बाद नवाज शरीफ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

साथ ही पाक सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच ने साफ निर्देश दिया है कि नवाज शरीफ, उनकी बेटी मरियम, बेटे हुसैन और हसन के खिलाफ छह सप्ताह में मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके अलावा पाकिस्तान की शीर्ष भ्रष्टाचार रोधी संस्था राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी)को छह माह में जांच पूरी करने को कहा गया है।

विदेशों में कालाधन जमा करने की जांच कर रही संयुक्त जांच दल (जेआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर शीर्ष अदालत ने नवाज सरकार में वित्तमंत्री इशाक डार और नेशनल असेंबली के सदस्य कैप्टन मुहम्मद सफदर को भी उनके पदों के लिए अयोग्य ठहराया है।

क्या है मामला?

दरअसल, यह मामला 1990 के दशक में उस वक्त धनशोधन के जरिए लंदन में सपंत्तियां खरीदने से जुड़ा है, जब शरीफ दो बार प्रधानमंत्री बने थे। शरीफ के परिवार की लंदन में इन संपत्तियों का खुलासा पिछले साल पनामा पेपर्स लीक मामले से हुआ।

पिछले साल पनामा पेपर्स में शरीफ परिवार की लंदन में चार महंगे फ्लैट सहित कई संपत्तियों का खुलासा हुआ था। इन संपत्तियों के पीछे विदेश में बनाई गई कंपनियों का धन लगा हुआ है और इन कंपनियों का स्वामित्व शरीफ की संतानों के पास है। 1990 के दशक में इन्हें फर्जी कंपनी बनाकर खरीदा गया था। संपत्तियां नवाज की बेटी और बेटों के नाम हैं।

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