भीड़ की कोई शक्ल नहीं होती इसलिए भीड़ की आड़ में कुछ असमाजिक तत्व अपने कारनामों को अंजाम देते है। गुरूवार की रात कानपुर में बर्रा के जागृति अस्पताल में एक कर्मचारी ने नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। बताया गया कि आरोपी ने छात्रा को बेहोशी का इंजेक्शन देने के बाद घटना को अंजाम दिया।
Photo Courtesy: Jagranदुष्कर्म की घटना के बाद अस्पताल बंद करवाने की मांग को लेकर शनिवार सुबह जमकर उत्पात हुआ। सुबह करीब 9 बजे सैकड़ों लोगों की भीड़ बाईपास पर हंगामा करने लगी। इसी बीच कुछ युवकों ने अस्पताल पर जमकर पथराव किया। पुलिस के समझाने पर भीड़ उग्र हो गई। लाठीचार्ज और पथराव में भीड़ ने एक दरोगा को पीटकर अधमरा कर दिया।
लोगों ने पुलिस पर आरोप लगताया कि पुलिस अस्पताला संचालक से मिलकर आरोपी को बचाने में जुटी है। सडक जामकर लोगों ने पुलिस के खिलाफ मुर्दाबार के नारे भी लगाये। पूरे मामले के दौरान दो पुलिस कर्मियों को भी चोट पहुंची।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, तीन घंटे चले उत्पात में 5 पुलिसवाले घायल हुए हैं। बर्रा थाने में 28 नामजद समेत 300 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई है। देर रात तक 20 लोग गिरफ्तार कर लिए गए थे।
फोटो: उमंग मिश्रा के ट्विटर एकाउंट सेपीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा गया है। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यह जांच भी की जा रही है उसके साथ कोई और शामिल तो नहीं था। जबकि इस मामले पर नर्सिंग होम प्रभारी डॉक्टर आर. के यादव, एसीएमओ, ने बताया कि हॉस्पिटल को खाली करा कर उसका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है साथ ही उसे सीज भी किया जा रहा है।