आरबीआई के स्वामित्व वाली नोट प्रिंटिंग कंपनी ने कहा है कि 500 और 2000 रुपये के नोटों की छपाई के लिए कागज के आयात की जानकारी देने से भारत की संप्रभुता प्रभावित होगी और एक तरह के अपराध को उकसावा मिल सकता है।
पीटीआई की ख़बर के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (बीआरबीएनएमपीएल) ने एक आरटीआई आवेदन के जवाब में ऊंचे मूल्य के नोटों की छपाई के लिए कागजों के आयात से संबंधित सूचनाएं देने से इनकार कर दिया।
सूचना इनकार किया जाना इस मायने में अहम है कि मीडिया में खबर आई थी कि नए नोटों की छपाई के लिए इस्तेमाल में लाए गए कागज ब्लैक लिस्ट में डाली गई कंपनी से आयात किए गए थे। आरबीएनएमपीएल ने आरटीआई आवेदन के जवाब में कहा, ‘सूचना नहीं दी जा सकती है, क्योंकि यह आरटीआई कानून की धारा 81ए के दायरे में आती है।’



















