झारखंड के बाद एक बार फिर देश में करीब 13.5 करोड़ लोगों का आधार कार्ड का डाटा लीक होने का मामला सामने आया है। यह आशंका बेंगलुरु स्थित सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसाइटी (सीआईएस) की एक रिपोर्ट में जताई गई है। सीआईएसद्वारा सोमवार(1 मई) को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग सरकारी विभागों ने करोड़ों लोगों की आधार कार्ड का डाटा सार्वजनिक कर दिया है।
file photoजिसके बाद इस डाटा को अब कोई भी देख सकता है। पहले दो डाटा बेस केंद्र के ग्रामीण विकास मंत्रालय से जुड़े हुए हैं। इनमें नेशनल सोशल असिस्टेंट प्रोग्राम का डैशबोर्ड और नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (मनरेगा) का पोर्टल शामिल है। इनमें दो डाटा बेस आंध्र प्रदेश से जुड़े हैं।
इसके अलावा इनमें एक राज्य का मनरेगा पोर्टल और चंद्राना बीमा नामक सरकारी स्कीम की वेबसाइट है। इन वेबसाइट पर लाखों लोगों की आधार नंबरों की जानकारी दी गई है, जिसे कोई भी देख सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, चार वेब पोर्टल से लीक हुए आधार नंबर 13 से 13.5 करोड़ के बीच हो सकते हैं।
वहीं, बैंक खातों की जानकारी 10 करोड़ के आसपास हो सकती है। नेशनल सोशल असिस्टेंट प्रोग्राम के पोर्टल पर आधार कार्ड से जुड़े हुए 94.32 लाख से ज्यादा बैंक खाता और 14.98 लाख से ज्यादा डाकघर खातों की जानकारी है। बता दें कि इससे पहले 22 अप्रैल को झारखंड सरकार की लापरवाही से राज्य में 14 लाख से अधिक लोगों का आधार डाटा सार्वजनिक होने का मामला सामने आया था। मामला सामने आने पर वेबसाइट से आधार नंबर कूटभाषा में कर दिया गया था।
इसके अलावा पिछले दिनों क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की आधार डिटेल एक कॉमन सर्विस सेंटर ने लीक कर दी थी। इस पर उनकी पत्नी साक्षी ने ट्वीट के जरिए सरकार से शिकायत की थी। इसके बाद सरकार ने डेटा लीक करने वाली कंपनी सीएससी को 10 साल के लिए सस्पेंड कर दिया था।