BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी बोले- मुस्लिम समाज मान ले मेरा प्रस्ताव, नहीं तो 2018 में राम मंदिर के लिए लाएंगे कानून

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देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या में राम मंदिर मुद्दे को लेकर दिए गए सुझाव के बाद सभी लोग चाहते हैं कि इस विवाद को दोनों पक्ष आपस में मिलकर सुलझाएं। इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मुस्लिम समुदाय को सलाह दी है कि वह उनके सुझाव को स्वीकार कर ले।

फोटो: The Indian Express

बुधवार(22 मार्च) को स्वामी ने कहा कि मुसलमानों को सरयू नदी के पार मस्जिद बनाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेना चाहिए, अन्यता 2018 में जब भाजपा के पास राज्यसभा में बहुमत होगा तो राम मंदिर के निर्माण के लिए कानून बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि हम 2019 तक राम मंदिर नहीं बनाते हैं, तो जनता इसको लेकर हमारा विरोध करेगी।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी की याचिका पर मंगलवार(21 मार्च) को सुनवाई करते हुए अयोध्या में राम मंदिर विवाद का कोर्ट के बाहर निपटारा करने पर जोर दिया। कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी संबंधित पक्ष आपस में मिलकर इस मामले को सुलझाएं। साथ ही कोर्ट ने कहा कि यह मसला बेहद संवेदनशील मुद्दा है, अगर जरुरत पड़ी है तो हम मध्यस्थता करने को तैयार हैं।

चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर ने कहा कि दोनों पक्षों को मिल-बैठकर आपस में इस मुद्दे को कोर्ट के बाहर हल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर दोनों पक्ष आपसी बातचीत से कोई हल नहीं निकाल पाते, तो फिर कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर फैसला देने के लिए तैयार रहेगा।

साथ ही कोर्ट ने स्वामी को आदेश दिया कि वे संबंधित पक्षों से बातचीत करें और फैसले के बारे में 31 मार्च तक जानकारी दें। बता दें कि स्वामी ने कोर्ट से मांग की थी कि संवेदनशील मामला होने के नाते इस मुद्दे पर जल्द से जल्द सुनवाई हो।

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