पिछले साल (2016) में सेना पर 15 आतंकवादी हमले हुए है, जिसमें हमारे कम से कम 68 सैनिकों कि मौत हो चुकी है। 2016 में जम्मू-कश्मीर सीमा पर पाकिस्तान द्वारा किए गए संघर्ष विराम उल्लंघन के 449 मामले भी दर्ज किए गए।
फाइल फोटोयह बात आज लोकसभा में बताई गई। लोकसभा में एक प्रश्न में राज्य रक्षा मंत्री सुभाष भामरे ने कहा कि, 2014 में आतंकवादी हमलों के 10 मामले दर्ज किए गए, 2015 में 11, 2016 में 15।
2015 और 2016 में सेनाकर्मियों की मौत की संख्या में वृद्धि देखी गई, आतंकवादी हमलों में और सीमा पर क्रमशः 67 और 68 मारे गए। 2014 में, 38 सेना कर्मियों को आतंकवादी कृत्यों में मारे गए जबकि इस साल 13 जवान अपनी जान गवा चुके है।
सुभाष भामरे ने कहा कि, 2016 में नियंत्रण रेखा में 228 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जबकि सीमा सुरक्षा बल के नियंत्रण में जम्मू और कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के क्षेत्र में युद्ध विराम उल्लंघन के 221 उदाहरण दर्ज किए है।