नई दिल्ली। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जमीन-जायदाद के क्षेत्र को प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने की वकालत की है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली को लिखे पत्र में सिसोदिया ने महत्वकांक्षी कर सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों को लेकर उनकी सराहना की। हालांकि, उन्होंने जमीन और रियल एस्टेट को इसके दायरे से बाहर रखने को ‘भूल’ करार दिया।
वित्त विभाग की भी जिम्मेदारी संभाल रहे सिसोदिया ने कहा कि इससे काले धन के खिलाफ लड़ाई कमजोर होगी। उन्होंने इस संदर्भ में मुख्य आर्थिक सलाहकार के अखबार में छपे एक लेख का जिक्र किया। सुब्रमणियम रियल एस्टेट क्षेत्र को जीएसटी में रखे जाने की वकालत की है।
आज मैंने GST काउंसिल की मीटिंग में रियल इस्टेट को GST के दायरे में रखने की मांग रखी लेकिन कोई यह साहस दिखाने को तैयार नहीं है। pic.twitter.com/5zmBOdbh7R
— Manish Sisodia (@msisodia) March 4, 2017
मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा उठाए गए मुद्दों का समर्थन करते हुए उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि रियल एस्टेट को जीएसटी में शामिल कर भूमि और संपत्ति के सौदे को अधिक पारदर्शी बनाया जा सकता है।