लोकसभा पहुंचे कांग्रेस के 25 निलंबित सांसद, लेकिन विरोध जारी

0

कांग्रेस पार्टी ने तय किया है कि वो लोकसभा के भीतर प्लैककार्ड और बैनरों के साथ अपना विरोध जारी रखेंगे. ये फैसला संसद परिसर में हुई पार्टी की बैठक में तय किया गया कि पार्टी के सांसद काली पट्टी बांध कर ही संसद पहुंचेंगे और सरकार के ख़िलाफ़ उनका विरोध जारी रहेगा.
ये फैसला कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में लिया गया.

पिछले दिनों कांग्रेस के 25 सांसदों को लोकसभा स्पीकर द्वारा 5 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया था. आज ही कांग्रेस के 25 सांसदों के निलंबन की मियाद भी पूरी हो रही है. वहीं दूसरी तरफ संसद में जारी गतिरोध और महत्वपूर्ण बिलों पर आम राय बनाने के लिए पीएम मोदी ने अब से कुछ देर पहले मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की, बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली और वैंकेया नायडू शामिल हुए. मॉनसून सत्र के शुरू होने के साथ से ही कांग्रेस के तेवर सख्त रहे हैं और वो सुषमा स्वराज, शिवराज सिंह चौहान और वसुंधरा राजे के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं| 21 जुलाई को शुरू हुए सत्र में कांग्रेस और विपक्ष के विरोध के चलते एक दिन भी कामकाज नहीं हो पाया है.

आज से मॉनसून सत्र का आख़िरी हफ़्ता शुरू हो रहा है. इसके साथ ही कांग्रेस के 25 सांसदों का पांच दिन का निलंबन भी आज ख़त्म होगा, लेकिन सवाल उठता है कि क्या इसके बावजूद संसद का कामकाज हो पाएगा. क्योंकि अभी भी कांग्रेस का संसद में विरोध जरी है. कांग्रेस ललितगेट और व्यापम मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, वसुंधरा राजे और शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफ़े की मांग पर अड़ी है.
कांग्रेस पार्टी ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार सभी दाग़ी मंत्रियों को उनके पद से नहीं हटाती है तब तक वे संसद की कार्यवाही चलने नहीं देंगे. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी के अनुसार , ‘हमारा विरोध भ्रष्टाचार, इस्तीफ़ा, कानूनी और नैतिक जवाबदेही के आधार पर है और इसमें कहीं से भी कोई द्वेष की भावना नहीं है.
इससे पहले तख़्तियां दिखाने के बाद ही स्पीकर ने कांग्रेस के 25 सांसदों को पांच दिनों के लिए सदन से निलंबित कर दिया था. जिसके बाद कांग्रेस के साथ 10 पार्टियां आ गई थीं, बीते सोमवार को हुए निलंबन के विरोध में लेफ्ट और टीएमसी समेत कई विपक्षी पार्टियों ने लोकसभा के बहिष्कार का फैसला किया था. साथ ही यह फैसला लिया गया है की  बहुप्रतीक्षित भूमि अधिग्रहण विधेयक पर गठित संसद की संयुक्त समिति मंगलवार को विधेयक के तीन महत्वपूर्ण प्रावधानों पर सर्वसम्मति बनाने के लिए विचार विमर्श करेगी जिनमें जमीन का इस्तेमाल पांच साल तक नहीं होने पर उसे उसके मालिक को लौटाने का प्रावधान भी शामिल है.

Previous articleMore than 50 lakh Biharis will send their DNA samples to PM Modi: Nitish Kumar
Next articleActress Asin to marry Micromax founder Rahul Sharma