विश्वकप 2011 के हीरो रहे युवराज सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास

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भारत के 2011 विश्व कप में नायक रहे युवराज सिंह ने सोमवार (10 जून) को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। युवराज ने संन्यास की घोषणा साउथ मुंबई होटल में मीडिया के सामने किया। संन्यास का ऐलान करते हुए युवराज सिंह ने कहा कि 25 साल तक 22 गज के यार्ड के अंदर व बाहर और लगभग 17 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बाद, मैंने आगे बढ़ने का फैसला किया है। इस खेल ने मुझे सिखाया कि कैसे लड़ना है, कैसे गिरना है, धूल फांकना है, फिर से उठना है और आगे बढ़ना है।

उन्होंने कहा कि मैंने क्रिकेट में काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं। 2011 का वर्ल्ड कप जीतना मेरे लिए सपना रहा है। मैंने जिंदगी में कभी हार नहीं मानी है। मैंने अपने पिता का सपना पूरा किया। भारत के सर्वश्रेष्ठ सीमित ओवरों के क्रिकेटरों में से एक युवराज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास पर गंभीरता से विचार कर रहे थे और वह आईसीसी से मान्यता प्राप्त विदेशी टी20 लीग में फ्रीलांस कैरियर बनाना चाहते हैं।

युवराज ने अपना अंतिम टेस्ट साल 2012 में खेला था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह अंतिम बार 2017 में दिखे थे। युवराज ने साल 2000 में पहला वनडे, 2003 में पहला टेस्ट और 2007 में पहला टी-20 मैच खेला था। चंडीगढ़ में साल 1981 में जन्में युवराज ने भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी-20 मैच खेले। टेस्ट में युवराज ने तीन शतकों और 11 अर्धशतकों की मदद से कुल 1900 रन बनाए, जबकि वनडे में उन्होंने 14 शतकों और 52 अर्धशतकों की मदद से 8701 रन जुटाए।

इसी तरह टी-20 मैचों में युवराज ने कुल 1177 रन बनाए। इसमें आठ अर्धशतक शामिल हैं। युवराज ने टेस्ट मैचों में 9, वनडे में 111 और टी-20 मैचो में 28 विकेट भी लिए हैं। युवराज ने 2008 के बाद कुल 231 टी-20 मैच खेले हैं और 4857 रन बनाए हैं। उन्होंने टी-20 मैचों में 80 विकेट भी लिए हैं। बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी ने हाल में समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया था कि युवराज अंतरराष्ट्रीय और प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास के बारे में सोच रहे हैं।

इसकी जानकारी रखने वाले बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, ‘‘वह बीसीसीआई से बात करना चाहेगा और जीटी20 (कनाडा) और आयरलैंड व हालैंड में यूरो टी20 स्लैम में खेलने के बारे में चीजें स्पष्ट बरना चाहेगा, क्योंकि उन्हें इसमें खेलने की पेशकश मिल रही हैं।’’

इरफान पठान ने हाल में कैरेबियाई प्रीमियर लीग के ड्राफ्ट में अपना नाम दिया था, लेकिन वह अब भी सक्रिय प्रथम श्रेणी खिलाड़ी हैं और उन्होंने बीसीसीआई से स्वीकृति नहीं ली। बीसीसीआई के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया था, ‘इरफान को ड्राफ्ट से नाम वापस लेने को कहा गया। जहां तक युवराज का सवाल है तो हमें नियम देखने होंगे। अगर वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास ले भी लेते हैं तो भी बीसीसीआई के अंतर्गत पंजीकृत सक्रिय टी20 खिलाड़ी हो सकते हैं।’

बता दें कि 2011 के विश्व कप में युवराज सिंह का परफॉर्मेंस काफी शानदार रहा था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को मात देकर दूसरी बार विश्व कप पर अपना कब्जा जमाया था। युवराज सिंह 2011 वर्ल्ड कप के हीरो थे और ‘मैन ऑफ द सीरीज’ रहे थे। उन्होंने 9 मैचों में 90.5 के जबरदस्त औसत से 362 रन बनाए थे। उन्होंने 15 विकेट भी झटके थे।

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