राम जेठमलानी ने जेटली से कहा- ‘मेरी सलाह मानिए, जो पूछा जा रहा है वही जवाब दीजिए’

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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार(6 मार्च) को सबसे हाईवोल्टेज जिरह का मामला था। एक तरफ थे देश के नामी वकील राम जेठमलानी तो दूसरी तरफ केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली। राम जेठमलानी के सवालों की बौछार और उन पेंचीदे सवालों के फंदे से फंसे जेटली के जवाब ने हाईकोर्ट के माहौल को सरगर्म कर दिया।

बता दें कि जेटली ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर मानहानि का 10 करोड़ का मुकदमा ठोक रखा है। दिल्ली हाईकोर्ट में उसी मामले की सुनवाई चल रही थी, जिसमें केजरीवाल की तरफ से पैरवी करने वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी मौजूद थे।

जेठमलानी ने जेटली से जिरह में उनकी अंग्रेजी से लेकर मान और सम्मान की सामाजिक समझ पर सवालों की बौछार कर दी। एनडीटीवी के मुताबिक, एक मौका ऐसा भी आया जब जेठमलानी ने जेटली से कहा कि मेरी सलाह मानिए, जो पूछा जा रहा है, वही जवाब दीजिए।

राम जेठमलानी ने जेटली से पूछा कि आपने कैसे तय किया कि आपकी जो मानहानि हुई है, उसकी आर्थिक रूप से भरपाई की जा सकती है और ये मानहानि 10 करोड़ की है? इस पर वित्त मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि मेरी मानहानि की क्षतिपूर्ति पैसे के आधार पर मुश्किल है। बहरहाल परिवार, दोस्तों या समाज के बीच जो मेरा महत्व या साख है, उस आधार पर 10 करोड़ का दावा किया है।

जेटली ने कहा कि केजरीवाल ने उन पर झूठे आरोप लगाए हैं। जो कीमत उन्होंने कोर्ट के समक्ष रखी है, वह उनकी क्षति का केवल एक छोटा सा हिस्सा है। इन आरोपों से उन्हें भारी मानसिक पीड़ा हुई है। उनकी छवि व कद के हिसाब से उनकी जो क्षति हुई है, उसे रुपयों में नहीं आंका जा सकता।

केजरीवाल की तरफ से सफाई देते हुए कहा कि जेठमलानी ने जेटली को याद दिलाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने सिर्फ पत्रकार मधु किश्वर द्वारा किए गए ट्वीट को रिट्वीट किया था। इस पर जेटली ने कहा कि कई लोगों ने सोशल मीडिया पर गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है, लेकिन जब एक मुख्यमंत्री उन्हें समर्थन देता है, तो यह गंभीर अपराध बन जाता है।

जेठमलानी ने जेटली से पूछा कि आपको केजरीवाल से कोई दुश्मनी नहीं है? इस पर जेटली ने कहा कि मुझे कोई निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन मुझे उनका नहीं पता। एक बार वो डीडीसीए का प्रेजीडेंट का चुनाव लड़े और हार गए। यहां तक कि लोकसभा चुनाव में उन्होंने मेरे खिलाफ जमकर प्रचार किया।

जेटली ने कहा कि चुनावों में कई फैक्टर होते हैं सिर्फ प्रत्याशी के साख का सवाल नहीं होता। याद रहे कि केजरीवाल भी 2014 लोकसभा का चुनाव वाराणसी में 3.50 लाख वोटों से हारे थे। इस पर जेठमलानी ने जेटली से कहा कि मेरी सलाह मानिए, जो आपसे पूछा जा रहा है, वही जवाब दीजिए। क्या आप एक लाख से ज्यादा वोटों से हारे थे? इस पर जेटली ने कहा कि सही है।

इस मामले में बहस के दौरान वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी की तरफ से अरुण जेटली के लिए 52 सवाल रखे गए। इनमें से 30 केस से जुड़े सवाल लगे, एक-तिहाई सवालों को कोर्ट की तरफ से अयोग्य करार दिया गया। पूर्व बीजेपी नेता राम जेठलमलानी इस केस को केजरीवाल की तरफ से लड़ रहे हैं।

क्या है मामला?

आम आदमी पार्टी(आप) ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर आरोप लगाया है कि जब जेटली दिल्ली क्रिकेट बॉडी (डीडीसीए) के प्रमुख थे तब वह और उनका परिवार संस्था में आर्थिक कुप्रबंधन के लिए जिम्मेदार थे। इस पर जेटली ने मानहानि का मुकदमा दायर किया जिसमें 10 करोड़ रुपये की मांग की गई है।

 

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