पश्चिम बंगाल के धुलागढ़ में धार्मिक जुलूस के रास्ते को लेकर सांप्रदायिक हिंसा

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पश्चिम बंगाल के धुलागढ़ में सांप्रदायिक हिंसा के चलते बीजेपी और तृणमूल एक बार फिर आमने-सामने हैं। हालात सोमवार को एक धार्मिक जुलूस के रास्ते को लेकर बिगड़े थे। बीजेपी ने तृणमूल पर राज्य को बम फैक्ट्री बनाने का आरोप लगाया है।

धुलागढ़
Photo Courtesy by NDTV

धुलागढ़ में मुस्लिम आबादी ज्यादा है और इलाके से भागे कई लोगों का कहना है कि उनको उनके धर्म की वजह से निशाना बनाया गया। पुलिस इलाके में गश्त कर रही है और रेपिड एक्शन फोर्स भी चौकस है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किये गये हैं। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, धुलागढ़ के बनर्जी पाड़ा, पश्चिम पाड़ा, दक्षिण पाड़ा, दावनघाटा, नाथ पाड़ा सहित कुछ इलाकों में उपद्रवियों ने 100 से अधिक मकानों में तोड़फोड़ करते हुए गैस सिलिंडर से आग लगा दी। साथ ही इलाके में स्थित छोटी-बड़ी दुकानों को भी आग के हवाले कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार 80 से अधिक दुकानें फूंकी गयी हैं। आरोप है कि उपद्रवी एक-एक कर घरों और दुकानों पर बम से हमला करते गये लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही।

कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि हिंसा किसी ने नहीं भड़काई जबकि कुछ का कहना है कि जुलूस पर पथराव किया गया। बुधवार को हालात बहुत खराब हो गए। देसी बमों से हमला और आगजनी पर काबू पाने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा।

धुलागढ़
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मंगलवार को बीजेपी और पुलिस के आमने-सामने आने से हालात की गंभीरता पता चलती है। पुलिस ने बीजेपी की टीम को अंदर के गांवों में घुसने से रोक दिया था। बीजेपी का आरोप है कि ममता बनर्जी की सरकार राज्य में सांप्रदायिक झड़पों पर काबू पाने में नाकाम रही है।

इस बारे में जेय मुकुंद राणाडे, आइजी (दक्षिण बंगाल) ने कहा, स्थिति पहले से सुधर रही है। लोग सहमे हुए हैं लेकिन हालात सामान्य हो रहे हैं। कोई नहीं घटना नहीं हुई है. कुछ दिनों के अंदर जनजीवन सामान्य हो जायेगा। पुलिस और रैफ को 24 घंटे तैनात रखा गया है। एकाध दुकानें खुलने लगी हैं। पूरी स्थिति पर मैं नजर रख रहा हूं।

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