Fact-Check: क्या तमिलनाडु में आर्थिक मदद मांगने आई भूखी नाबालिग लड़की के साथ किया गया सामूहिक बलात्कार? RSS के मुखपत्र ‘ऑर्गनाइजर’ ने फैलाईं फर्जी खबर

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दक्षिणपंथी ब्रिगेड के सदस्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक ख़बर को जमकर शेयर कर रहे हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु के कन्याकुमारी स्थित नागरकोइल में आर्थिक मदद मांगने आई एक भूखी नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक बलात्कार की इस ख़बर को शेयर करने वाले अधिकांश सोशल मीडिया यूजर्स ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के मुखपत्र ‘ऑर्गनाइजर’ आयोजक द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट को शेयर किया है। जिसमें बताया गया कि आठ साल की बच्ची के साथ सामूहिक बलात्कार के आरोप में चार मुसलमानों को गिरफ्तार किया गया?

बलात्कार

RSS के मुखपत्र ‘ऑर्गनाइजर’ ने अपनी हेडलाइन में लिखा था, “भूखी नाबालिग लड़की को भोजन का लालच देकर तमिलनाडु में क्रूरता से बलात्कार किया गया।” ऑर्गनाइजर ने अपनी रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया था कि तमिलनाडु के नागरकोइल में छह लोगों ने नाबालिग लड़की के साथ क्रूरतापूर्वक बलात्कार किया था। पीड़िता खाने के लिए पड़ोसी के घर पहुंची थी। रिपोर्ट में कहा गया, ”इस मामले में दो नाबालिगों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मोहम्मद नूह (75), ज़हादसन (52), ज़फ़र हुसैन (53) और अब्दुल जाफ़र (68) के रूप में की गई है।

कथित गैंगरेप मामले में सभी मुसलमानों के नाम सामने आने पर दक्षिणपंथी ब्रिगेड के सदस्यों ने इस ख़बर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आग की तरह वायरल करना शुरु कर दिया।

ऑर्गनाइजर की इस रिपोर्ट को कई प्रमुख मुस्लिम सोशल मीडिया यूजर्स ने शेयर किया और उन्होंने आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की। इनमें मौलाना आज़ाद उर्दू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलाधिपति ज़फ़र सरेशवाला और पत्रकार समीना शेख शामिल थे।

क्या तमिलनाडु में नाबालिग के साथ सामूहिक बलात्कार हुआ था?

टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शिकायतकर्ता की नाबालिग बेटी आर्थिक मदद लेने के लिए उस इलाके में आई थी, क्योंकि लॉकडाउन के कारण उसके पिता की नौकरी चली गई, जिस कारण आर्थिक रूप से भी परिवार की स्थिति दयनीय हो गई। इसी दौरान लडक़ी पड़ोस में आर्थिक मदद के लिए आई थी, जहां उससे दुर्व्यवहार किया गया। चार आरोपियों और दो नाबालिग लड़कों ने कथित तौर पर उन्हें 50 रुपये दिए और उन्हें उनके निजी अंगों को दिखाने के लिए उनकी पोशाक (कपड़े) को हटा दिया।

वहीं, ‘जनता का रिपोर्टर’ से बात करते हुए कन्याकुमारी के पुलिस अधीक्षक (SP) एन श्रीनाथ ने कहा कि, नाबालिग लड़की का बलात्कार नहीं किया गया। जैसा कि आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गनाइजर में दावा किया गया। श्रीनाथ ने कहा कि पुलिस ने 12 साल की लड़की से छेड़छाड़ करने के आरोप में दो नाबालिगों सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया है। कन्याकुमारी जिले के पुलिस अधीक्षक के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मोहम्मद नुगु (75), सहाया धसान (52), जहीर हुसैन (53), अब्दुल जाफर (67), सहित दो अन्य नाबालिग लड़के शामिल है।

श्रीनाथ ने ‘जनता का रिपोर्टर’ से बात करते हुए कहा, “पीड़ित लड़की के साथ बलात्कार या सामूहिक बलात्कार नहीं हुआ है। लड़की शिकायतकर्ता की बेटी है।” जब वह रिबाई स्ट्रीट (Ribai Street), थेंगैपट्टिनम (Thengaipattinam) में A1 (अभियुक्त नंबर 1) की दुकान पर गई, तो आरोपी ने उसका यौन उत्पीड़न किया। श्रीनाथ ने कहा कि पुलिस ने पीड़ित के पिता की शिकायत के बाद कार्रवाई की।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के मुखपत्र ने नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के इस ख़बर को ‘सामूहिक बलात्कार’ के कोण से गलत तरीके से बताकर मामले को सनसनीखेज बनाने की कोशिश की और इस ख़बर को फर्जी तरीके से रेखांकित किया।

हमारे तथ्य की जाँच करने के बाद यह खबर गलत पाई गई।

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