UP: सहारनपुर में सांप्रदायिक तनाव, अंबेडकर शोभा यात्रा को लेकर दो समुदायों के बीच पथराव और आगजनी

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सटे सड़क दूधली गांव में भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) की ओर से गुरुवार(20 अप्रैल) को अंबेडकर जयंती शोभायात्रा निकालने को लेकर दो समुदाय में गालीगलोज, पथराव और आगजनी की घटना सामने आई है। इस दौरान दोनों पक्षों में जबरदस्त पथराव और आगजनी हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही कमिश्नर, डीएम, एसएसपी सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।दोनों गुटों के बीच इस पथराव में कमिश्नर की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। उपद्रवियों ने कई दुकानों में आग लगा दी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सहारनपुर में प्रशासन द्वारा यात्रा की अनुमति न दिए जाने के बाद भी बीजेपी सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने अंबेडकर शोभायात्रा निकला।

जानकारी के मुताबिक, आज जब शोभायात्रा निकालने की तैयारी की जा रही थी तो दूसरे पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया। जिसके बाद मौके पर सहारनपुर से बीजेपी सांसद राघव लखनपाल पहुंचे और उसी गांव से यात्रा निकालने पर अड़ गए। और दबरदस्ती शोभायात्रा निकालने के बाद दूसरे पक्ष ने पथराव शुरु कर दिया। इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ता और हिन्दू संगठनों से जुड़े लोग बेकाबू हो गए। लोगों ने दुकानों और मकानों पर पथराव करते हुए तोडफ़ोड़ शुरु कर दी जिसके बाद यह हंगामा हिंसा का रूप ले लिया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन द्वारा शोभायात्रा की अनुमति नहीं मिलने पर बीजेपी समेत तमाम हिंदू संगठनों से जुड़े लोग आग बबूला हो गए। गांव से यात्रा निकाले जाने को लेकर बीजेपी सांसद राघव लखनपाल शर्मा अपने हजारों समर्थकों समेत देहरादून रोड स्थित एसएसपी आवास पर पहुंच गए और धरना देकर बैठ गए। इसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने देहरादून रोड पर एसएसपी के आवास के बाहर खड़ी एक बाइक को आग के हवाले कर दिया।

बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस प्रशासन समुदाय विशेष का सहयोग कर रहा है और गांव में शोभायात्रा नहीं निकलने दी जा रही है। फिलहाल यहां हाइवे पर तोडफ़ोड़ के चलते सहारनपुर-रूड़की-देहरादून हाइवे पर वाहनों का आवागमन रूक गया है। तनाव के बाद स्थानीय बाजारों में एकाएक सन्नाटा पसर गया है। पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।

बता दें कि सहारनपुर के थाना जनकपुरी क्षेत्र का गांव सड़क दूधली काफी समय से संवेदनशील माना जाता है। करीब दस साल पहले भी इस गांव में संत रविदास जयंती पर शोभायात्रा निकालने को लेकर दो समुदायों में विवाद हो चुका है।

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