ब्रिटेन के रक्षामंत्री द्वारा द्विपक्षीय बैठक से इनकार करने की खबरों को निर्मला सीतारमण ने बताया ‘निराधार’

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भारतीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने उस खबर का खारिज किया है जिसमें दावा किया था कि ब्रिटेन के रक्षा मंत्री गेविन विलियमसन ने उनके साथ द्विपक्षीय बैठक से इनकार कर दिया था। सीतारमण ने एक ट्वीट करते हुए इस खबर को आधार बताया। सीतारमण के ट्वीट पर जवाब देते हुए गेविन विलियमसन ने भी ट्वीट कर लिखा कि वह भी मुलाकात की प्रतीक्षा में हैं।

(AFP)

दरअसल ब्रिटेन के रक्षा मंत्री गेविन विलियमसन अपनी भारतीय समकक्ष निर्मला सीतारमण के साथ द्विपक्षीय बैठक से इनकार करने पर ब्रिटेन की कैबिनेट के अंदर कथित रूप से निशाने पर आ गए हैं। सीतारमण लंदन में पहले ‘ब्रिटेन-भारत सप्ताह’ बैठक में शामिल होने वाली थीं। हालांकि, मीडिया में आई इस खबर को निर्मला सीतारमण ने ‘निराधार’ करार दिया है।

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, ‘द संडे टाइम्स’ की एक खबर में दावा किया गया है कि बैठक के लिए अनुरोध एक महीने से अधिक समय पहले भारतीय अधिकारियों की ओर से किया गया था। ब्रिटेन के कम से कम दो मंत्रियों ने कथित तौर पर विलियमसन को सीतारमण के लिए समय निकालने के महत्व को समझाने का प्रयास किया था। इन दो मंत्रियों में विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन शामिल थे।

‘द संडे टाइम्स’ की खबर के मुताबिक विलियमसन ने सीतारमण से 20 से 22 जून के बीच सुरक्षा सहयोग और रक्षा खरीद को लेकर द्विपक्षीय वार्ता पर मिलने से इनकार कर दिया। सीतारमण ने ट्विटर पर अपनी निराशा जाहिर करते हुए इसे निराधार खबर करार दिया। उन्होंने कहा, ‘संडे टाइम्स (ब्रिटेन) से निराश हूं। बिल्कुल निराधार खबर। ब्रिटेन और भारत के बीच मजबूत संबंध हैं। बैठक के लिए परस्पर सहमति से तारीख पर चर्चा चल रही है और मैं बैठक चाहती हूं।’

अखबार ने ब्रिटिश सरकार के एक सूत्र के हवाले से कहा, ‘लोग इसे लेकर बहुत नाराज हैं।’ सूत्र ने कहा, ‘भारत का रक्षा बजट विश्व के तेजी से बढ़ते रक्षा बजटों में से एक है, जिसमें साल में 50 अरब डॉलर के करीब खर्च होता है। ऐसा लगता है कि यह विलियमसन का एक और बिना सोचा समझा निर्णय है।’ खबर में कहा गया है कि विलियमसन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी भारतीय समकक्ष सीतारमण को नजरंदाज करके विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले देश को नाराज कर दिया है।

लंदन और बकिंगमशायर में 18 से 22 जून के बीच आयोजित ब्रिटेन-भारत सप्ताह के संस्थापक मनोज लाडवा ने कहा, ‘अगर विलियमसन ने कुछ वक्त निकाला होता तो वास्तव में अच्छा रहता लेकिन हमें यह नहीं कहना चाहिए कि बैठक के लिए भारतीय काफी बेकरार थे।’ कार्यक्रम में दो दिवसीय सम्मेलन और ब्रिटेन..भारत पुरस्कार भी शामिल था। इसमें सीतारमण शामिल होने वाली थीं लेकिन उनकी यात्रा टाल दी गई क्योंकि विलियमसन के साथ मुलाकात तय नहीं हो पाई।

इस बीच, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि सीतारमण और विलियमसन के बीच आगामी हफ्तों में मुलाकात हो सकती है। सीतारमण के ट्वीट पर जवाब देते हुए गेविन विलियमसन ने भी ट्वीट कर लिखा कि वह भी मुलाकात की प्रतीक्षा में हैं।

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