नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर गुरुवार को देश के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। कर्नाटक के मंगलौर में हिंसक हुए प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस द्वारा चलाई गई गोलियों के कारण दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति की गोली लगने के कारण मौत हो गई है।

कर्नाटक के मंगलौर में हिंसक हुए प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस द्वारा चलाई गई गोलियों के कारण दो लोगों की मौत हो गई। मंगलुरू में प्रशासन ने शुक्रवार रात तक कर्फ्यू लगा दिया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने मंगलौर उत्तर पुलिस थाने पर कब्जा करने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने की कोशिश की जिसके बाद उन्हें तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलाई गई। पुलिस ने पुष्टि की कि दो लोग पुलिस की गोलियों से घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। मृतकों की पहचान जलील कुदरोली (49) और नौशीन (23) के तौर पर की गई है।
वहीं, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति की कथित तौर पर गोली लगने के कारण मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मरने वाले की पहचान हुसैनाबाद इलाके के सज्जाद बाग निवासी मोहम्मद वकील के रूप में हुई है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसकी मृत्यु पुलिस की गोली से हुई है या इसका कोई अन्य कारण है।
बता दें कि, लखनऊ में गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने हिंसक प्रदर्शन को अंजाम दिया, कई बसों में तोड़फोड़ की। बसों को आग के हवाले कर दिया, साथ ही मीडिया कई ओबी वैन को भी आग के हवाले कर दिया। बता दें कि, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में भी विरोध प्रदर्शन हुए। हालांकि, यहां प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, चंडीगढ, जम्मू, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी प्रदर्शन हुए। (इंपुट: भाषा और आईएएनएस के साथ)