गोवा: CM मनोहर पर्रिकर के बयान के बाद ट्विटर पर बियर पीकर ‘टल्‍ली’ हुईं लड़कियां

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गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार (9 फरवरी) को कहा कि उन्हें इस तथ्य से डर लगने लगा है कि अब लड़कियों ने भी बियर पीना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि, “मुझे अब डर लगने लगा है, क्योंकि अब तो लड़कियों ने भी बियर पीना शुरू कर दिया है…सहन शक्ति की सीमा टूट रही है।’

PHOTO: TWITTER

पर्रिकर के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया में महिलाओं द्वारा उनके खिलाफ नाराजगी जाहिर की जा रही है। पर्रिकर के इस बयान के खिलाफ महिलाओं ने ट्विटर पर बीयर पीते हुए अपनी तस्वीरें पोस्ट करनी शुरू कर दी हैं। साथ ही  #GirlsWhoDrinkBeer हैशटैग ट्विटर पर टॉप टेन में ट्रेंट कर रहा है।

खास बात यह है कि पर्रिकर के इस बयान से आहत महिलाएं और लड़कियां सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ एक अभियान शुरू कर दिया है। काफी संख्या में लड़कियां और महिलाएं #GirlsWhoDrinkBeer के हैशटैग के साथ ट्विटर पर तस्वीरें पोस्ट कर रही हैं। बियर की तस्वीरें पोस्ट कर लड़कियां मनोहर पर्रिकर को बता रही हैं कि हमलोग बियर पीते हैं। ये लड़कियां सीएम पर्रिकर को टैग करते हुए उन्हें चियर्स कर रही हैं।

दरअसल, समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक विधानसभा सचिवालय, पोरवोरिम द्वारा आयोजित राज्य युवा संसद कार्यक्रम में पर्रिकर ने कहा कि, “सभी नहीं, मैं इस भीड़ की बात नहीं कर रहा (उन्होंने भीड़ की तरफ इशारा किया)।” भारतीय प्रोद्यौगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के पूर्व छात्र पर्रिकर ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में ड्रग्स लेना कोई नई परिघटना नहीं है।

उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि, “जब मैं आईआईटी में था, तो वहां एक छोटा समूह था जो गांजे का नशा करता था। तो यह कोई आज की परिघटना नहीं है। कुछ छात्रों पर पोर्नोग्राफी (अश्लील फिल्म) का जुनून सवार था।” उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में मादक पदार्थो के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की है। लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि मादक पदार्थो की यह समस्या शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश कर गई है।

गोवा सीएम ने कहा कि मादक पदार्थो पूरे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है और यह तब तक बंद नहीं होगी, जब तक मादक पदार्थ का कारोबार खत्म नहीं हो जाता। पर्रिकर ने कहा कि, “मादक पदार्थ बेचने वाले 170 लोगों की गिरफ्तारी के बाद 13 अगस्त 2017 को मैंने निर्देश दिए थे। नियमानुसार कम मात्रा में मादक पदार्थ मिलने पर आठ से 15 दिन या एक महीने में जमानत मिल जाती है। हमारे न्यायालय भी दयालु हैं… लेकिन कम से कम दोषी पकड़े जाते हैं।”

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