सोशल मीडिया: “रवीश कुमार को किसी IT सेल से ट्रेंड करवाने की ज़रूरत नहीं पड़ती, ख़ुद ही ट्रेंड हो जाते हैं”

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हिंदी समाचार चैनल ‘एनडीटीवी इंडिया’ के मशहूर एंकर और भारत के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को इस साल के रमन मैगसायसाय पुरस्कार के लिए चुना गया है। इस पुरस्कार को नोबेल पुरस्कार का एशियाई संस्करण माना जाता है। रमन मैगसायसाय पुरस्कार फाउंडेशन ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी है।

फाउंडेशन ने पुरस्कार की घोषणा करते हुए 44 वर्षीय कुमार को भारत के सबसे प्रभावशाली टीवी पत्रकारों में से एक बताया। रवीश कुमार इस वक्त एनडीटीवी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी संपादक हैं। उनका नाम उन पांच व्यक्तियों में शुमार है, जिन्हें इस पुरस्कार का विजेता घोषित किया गया है।

बिहार के जितवारपुर गांव में जन्मे कुमार 1996 में न्यू दिल्ली टेलीविजन नेटवर्क (एनडीटीवी) से जुड़े थे और उन्होंने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के तौर पर की थी। एनडीटीवी के 24 घंटे वाले हिंदी भाषी समाचार चैनल – ‘एनडीटीवी इंडिया’ शुरू होने के बाद उन्हें उनका रोजाना का शो ‘प्राइम टाइम’ दिया गया। एनडीटीवी के मुताबिक, शुरुआती दिनों में वह चैनम में आई चिट्ठियां भी छांटा करते थे।

फाउंडेशन ने कहा कि कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम “आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है।’’ उसने साथ ही कहा, “अगर आप लोगों की आवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं।” कुमार को गंभीर, प्रभावशाली एवं मुद्दों पर अच्छी पकड़ रखने वाले एंकर के रूप में जाना जाता है। हालांकि, फाउंडेशन ने कहा कि वह जिस तरह की पत्रकारिता करते हैं, वही उनकी विशेषता है।

ट्विटर पर लगा बधाइयों का तांता

देश के तमाम राजनीतिक पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं सहित दिग्गजों द्वारा ट्वीटर पर रवीश कुमार को ट्वीट कर बधाई दी गई है और साथ ही ईशारों-ईशारों में उनके आलोचकों पर तंज भी कसा गया है। शुक्रवार को जैसे ही पुरस्कार का ऐलान हुआ उसके बाद से ही ट्विटर पर #RavishKumar, #RamonMagsaysayAward और #RavishMagsaysay टॉप ट्रेडिंग हैं।

सोशल मीडिया यूजर्स कथित बीजेपी समर्थक पत्रकारों पर तंज भी कस रहे हैं। एक यूजर्स ने लिखा, “रवीश कुमार को किसी IT सेल से ट्रेंड करवाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। ख़ुद ही ट्रेंड हो जाते हैं।” नीचें देखें, वरिष्ठ नेताओं सहित अन्य सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं।

देखें, लोगों की प्रतिक्रियाएं:

फाउंडेशन ने कहा कि, “मीडिया का ऐसा वातावरण जिसमें सरकार का हस्तक्षेप है, जो कट्टर राष्ट्रवाद के हिमायतियों के कारण विषाक्त है, जिसमें ट्रोल एवं ‘फर्जी खबर’ फैलाने वाले लोग हैं और जहां बाजार की रेटिंग की प्रतियोगिता के चलते ‘मीडिया हस्तियों’ को कीमत चुकानी पड़ रही है, जहां खबरों को सनसनीखेज बनाया जा रहा है, ऐसी स्थिति में, रवीश इस बात पर जोर देने में मुखर रहे हैं कि गंभीर, संतुलित और तथ्य आधारित रिपोर्टिंग के पेशेवर मूल्यों को जिंदा रखना होगा।”

इस साल के रमन मैगसायसाय पुरस्कार के चार अन्य विजेताओं में म्यामां के को स्वे विन, थाइलैंड की अंगखाना नीलापाइजित, फिलीपीन के रैयमुंडो पुजंते कायाबायऐब और दक्षिण कोरिया के किम जोंग की शामिल हैं। पुरस्कार विजेताओं को 31 अगस्त, 2019 को आयोजित होने वाले आधिकारिक समारोह में मैगसायसाय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। 1957 में शुरू हुए इस पुरस्कार को एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। (इनपुट- भाषा/एनडीटीवी के साथ)

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