पटाखों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के खिलाफ चेतन भगत ने की विवादित टिप्पणी, शशि थरूर ने दिया करारा जवाब

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सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस बार दिवाली के मौके पर दिल्ली सहित पूरे एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले का कुछ लोगों ने स्वागत किया है तो कई इससे निराश भी हुए हैं। इसी बीच चर्चित लेखक चेतन भगत ने सोशल मीडिया पर एक विवादित टिप्पणी की जिसका कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने करारा जवाब दिया।

बता दें कि, सोमवार(9 अक्टूबर) को सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के अवसर पर पटाखों के कारण होने वाले प्रदूषण को देखते हुए 1 नवंबर तक के लिए दिल्ली सहित पूरे एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है।

बता दें कि, पटाखों पर पाबंदी के विरोध में लेखक चेतन भगत ने ट्विटर पर लिखा कि- क्या मैं पटाखों पर बैन पर पूछ सकता हूं कि हिन्दुओं के त्योहारों के साथ ही ऐसा क्यों होता है? क्या बकरे काटने और मुहर्रम में खून बहाने पर रोक लगने जा रही है?

साथ ही चेतन भगत ने लिखा कि, दिवाली में पटाखे बैन कर देना वैसा ही है जैसे क्रिसमस पर क्रिसमस ट्री बैन कर दिया गया हो और बकरीद पर बकरों को बैन कर दिया गया हो। चीजें दुरुस्त कीजिए, लेकिन प्रतिबंध मत लगाइए। हमें अपनी परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।

चेतन भगत के ट्वीट का जवाब देते हुए केरल के कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लिखा कि उन अनुष्ठानों के अभिन्न अंगों के आपके उदाहरण, उन पर प्रतिबंध लगाने से दिवाली पर दीवों पर प्रतिबंध लगाने की तरह होगा। पटाखे अपवित्र ऐड-ऑन हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने इस महत्वपूर्ण फैसले में कहा था कि दिवाली के बाद इस बात की भी जांच की जाएगी कि पटाखों पर बैन के बाद हवा की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है या नहीं। कोर्ट ने कहा कि एक नवंबर के बाद पटाखों की बिक्री फिर से शुरू की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक बार ये टेस्ट करना चाहते हैं कि पटाखों पर बैन के बाद क्या हालात होंगे?

सुप्रीम कोर्ट ने इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद ट्विटर पर कई भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जोरदार इस आदेश का विरोध किया और कहा कि वे दिल्ली के बाहर से पटाखें लाएंगे, ताकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती मिल सके।

बीजेपी प्रवक्ता तेजिंदर सिंह बग्गा अपने समर्थकों से मौद्रिक योगदान की मांग करते थे ताकि वे पटाखे खरीद सकें और दिवाली में झुग्गी वासियों के बच्चों के बीच उसे बाँट सकें। लेकिन बाद में बग्गा ने दावा किया कि उनके समर्थकों से सिर्फ 7 घंटे में उन्होंने 80,000 रुपये प्राप्त किए थे। उन्होंने प्राप्त भुगतान के स्क्रीनशॉट को पोस्ट किया जहां उनके अधिकांश समर्थकों ने कहा कि वे उदारता से दान कर रहे थे क्योंकि उन्हें लगा कि यह एक महान काम है।

 

 

 

 

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