गुजरात हाई कोर्ट ने कहा- अगर सेक्स वर्कर अपनी मर्जी से वेश्यावृत्ति में शामिल है तो यह कोई अपराध नहीं

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गुजरात हाई कोर्ट ने शुक्रवार (5 मई) को एक मामले की सुनवाई करते हुए एक अहम फैसला सुनाया जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई सेक्स वर्कर अपनी मर्जी से और बगैर किसी जबरदस्ती के वेश्यावृत्ति में शामिल है तो यह कोई अपराध नहीं है और उस पर कोई मामला नहीं बनता है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत विनोद पटेल की याचिका की सुनवाई कर रही थी, जो कथित तौर पर 3 जनवरी को सूरत में एक वेश्यालय में गए थे। इसके बाद पुलिस की रेड में पांच सेक्स वर्कर सहित विनोद को भी गिरफ्तार किया गया था। पटेल पर आईपीसी की धारा 370 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 370 के प्रावधानों की व्याख्या की, जिसमें शारीरिक या यौन शोषण के मामले आते हैं। इसे केंद्र सरकार ने निर्भया गैंगरेप के मामले के बाद अधिक कठोर बना दिया था। कोर्ट ने कहा, ‘जहां तक वेश्यावृत्ति का संबंध है, सेक्स वर्कर के ग्राहक को भी इस खंड में ‘अपराधी’ के तौर पर देखा गया है।

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