एयरपोर्ट से कस्टम विभाग जब्त कर रहा ‘सेक्स टॉयज’

0
>

देश में अवैध तरीके से लाए जा रहे ऐसे कई सामान सीमा शुल्क विभाग नियमित रूप से अपने कब्जे में ले रहा है, जिनकी सूची आपको अचंभति कर सकती है। इन सामानों में ड्रोन और रिमोट से चलने वाला हेलीकॉप्टर समेत ‘सेक्स टॉयज’ और अश्लील सामग्री शामिल हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार विभाग ने कम-से-कम 1,000 ऐसे पार्सल को अकेले दिल्ली में अपने विदेशी डाकघर में रोका है। सीमा शुल्क विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं देने का अनुरोध करते हुए बताया, ‘लोग वर्जित जिंसों को लाने की कोशिश कर रहे हैं। इसमें नशीले पदार्थ, अश्लील पत्रिका, अश्लील सीडी और ‘सेक्स टॉयज’ समेत अन्य सामान शामिल हैं। इसके अलावा ड्रोन और हेलीकॉप्टर जैसे प्रतिबंधित सामान भी इसमें शामिल हैं।’

Also Read:  तकनीक की कच्ची सड़क पर कैशलेस अर्थव्यवस्था की गाड़ी दौड़ाने का जोखिम भरा प्रयास

अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा संबंधी चिंता के कारण ड्रोन और रिमोट से चलने वाला हेलीकॉप्टर अधिकृत सरकारी एजेंसियों से जरूरी मंजूरी के साथ ही देश में लाया जा सकता है। उदाहरण के लिये चीन से भारत भेजे गए पार्सल को रोका गया। इसका कारण इसमें अश्लील सामग्री होना है।

Also Read:  भारत में विमान के अंदर सैमसंग गैलेक्सी नोट 7 के इस्तेमाल पर पाबंदी

बता दें कि सरकार की नीति के अनुसार इसे देश में नहीं लाया जा सकता है। लोग दवा, नशीले पदार्थ युक्त ड्रग और नशीले पदार्थ पार्सल के जरिए अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से भेजने की कोशिश करते रहते हैं। अधिकारी ने कहा, ‘प्रतिबंधित और वर्जित सामानों के आयात और देश से बाहर भेजे जाने वाले ऐसे पार्सलों की जांच और जरूरी कार्रवाई के लिये रोका गया।’ विदेशी डाकघर (एफपीओ) का संरक्षक डाक विभाग है।

Also Read:  गुजरात: स्कूल में दो चोटी बनाकर नहीं आने पर मिली ऐसी सजा कि अस्पताल में भर्ती हुई छात्रा

सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने एफपीओ के कामकाज को लेकर चिंता जताई, जहां ज्यादातर काम पर्याप्त कर्मचारी के बिना हाथ से किया जाता है। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीमा शुल्क विभाग ने डाक विभाग से एफपीओ को पूरी तरह कंप्यूटरीकृत करने को कहा है ताकि उसके जरिए होने वाली तस्करी पर लगाम लगाई जा सके। यहां एफपीओ प्रतिदिन 5,000 पार्सल निर्यात के लिए तथा आयात वाले 3,500 पार्सल को देखता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here