झारखंड विधानसभा चुनाव: बागी हुए BJP के वरिष्ठ नेता सरयू राय, सीएम रघुवर दास के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव

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झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए अब तक घोषित 72 उम्मीदवारों की सूची में अपना नाम नहीं आने से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सरयू राय बेहद नाराज हैं। उनकी यह नाराजगी रविवार को बगावत में बदल गई जब उन्होंने कहा कि वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ लड़ेंगे।

रघुवर दास
फाइल फोटो: झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास

झारखंड मंत्रिमंडल में खाद्य, जनवितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्री राय ने कहा कि वह जमशेदपुर (पूर्व) और जमशेदपुर (पश्चिम) से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने 2014 के चुनाव में जमशेदपुर (पश्चिम) सीट से जीत हासिल की थी। उन्होंने कैबिनेट मंत्री के पद से एवं विधानसभा की सदस्यता से रविवार की शाम अपना इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मु को भेजे पत्र में रॉय ने कहा वह मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे रहे हैं और इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए।

इससे पहले दिन में राय ने कहा था कि वह सोमवार को इस्तीफा देंगे। राय झारखंड कैबिनेट में खाद्य, जनवितरण और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं कल दोनों विधानसभा क्षेत्र से नामांकन पत्र दाखिल करूंगा।’’

भाजपा ने झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए अब तक 72 उम्मीदवारों की चार सूची जारी की है, लेकिन राय का नाम इसमें नहीं है। राज्य में 30 नवंबर और 20 दिसंबर के बीच पांच चरण में चुनाव हो रहा है। एक सवाल के जवाब में भाजपा नेता ने कहा कि ‘‘भाजपा को मेरे खिलाफ कार्रवाई करने दीजिए।’’ भाजपा ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को जमशेदपुर (पूर्व) से मैदान में उतारा है, जबकि जमशेदपुर (पश्चिम) सीट पर अभी उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं हुआ है।

झारखंड की सभी 81 सीटों पर 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच 5 चरणों में मतदान होगा। नतीजे 23 दिसंबर को आएंगे। पिछली बार भी राज्य में पांच चरण में मतदान हुआ था। 81 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2020 को खत्म हो रहा है। राज्य में अभी भाजपा और आजसू (ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन) की गठबंधन सरकार है।

झारखंड में कुल 81 विधानसभा सीटों में 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा नें 37 सीटों पर कब्जा किया था और उसकी सहयोगी ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (AJSU) ने 5 सीटें जीती थी। 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी या गठबंधन को कम से कम 41 सीटों पर जीत हासिल करनी होगी। (इंपुट: भाषा के साथ)

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