सेंट्रल जेल में कैदी नंबर 9435 बनी शशिकला की पहचान, मोमबत्ती बनाने के लिए मिलेगें 50 रूपये प्रतिदिन

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तमिलनाडु की राजनीति में जबरदस्त उठापटक करने वाली और मुख्यमंत्री बनने की हसरत रखने वाली वी. के. शशिकला का ठिकाना फिलहाल बेंगलुरू की सेंट्रल जेल है। शशिकला को आय से अधिक सम्पत्ति मामले में चार साल की सजा सुनाई गई है।

सेंट्रल जेल

सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को 3 साल जेल में बिताने का आदेश दिया है, क्योंकि वह 6 महीने पहले ही जेल में बिता चुकी हैं।शशिकला के राजनीतिक कद के विपरित वह जब तक जेल में रहेंगी तब तक उनकी पहचान कैदी नंबर- 9435 के रूप में ही की जाएगी।

अन्य महिला कैदियों की तरह ही उन्हें भी कुछ ना कुछ काम दिया जाना है। इस जेल में अधिकांशत महिला कैदी मोमबत्तियां बनमे का काम करती है। इसलिए माना जा रहा है कि शशिकला को भी अब जेल में मोमबत्तियां बनानी पड़ सकती है। जिसके लिए उन्हें बतौर दिहाड़ी 50 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान भी किया जाएगा।

आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट से चार साल की सजा मिलने के बाद एआईएडीएमके नेता शशिकला नटराजन ने बुधवार (15 फरवरी) को आखिरकार बेंगलुरु कोर्ट जाकर सरेंडर कर दिया था। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को शशिकला को झटका देते हुए आत्मसमर्पण करने के लिए और अधिक समय देने से इनकार कर दिया था।

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