कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज बोले- सरकार ने उनकी नज़रबंदी को लेकर सुप्रीम कोर्ट से झूठ बोला, मुझे हिरासत में रखा गया है

0

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रो सैफुद्दीन सोज (Saifuddin Soz) की कथित नजरबंदी को लेकर दायर याचिका का बुधवार को निस्तारण कर दिया। इससे पहले, जम्मू कश्मीर प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि सैफुद्दीन सोज़ न तो हिरासत में हैं और न ही हाउस अरेस्ट हैं।

सैफुद्दीन सोज

न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा, न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने जम्मू कश्मीर प्रशासन के बयान को रिकार्ड में शामिल करके सोज की पत्नी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निस्तारण कर दिया। प्रशासन ने अपने बयान में कहा कि सैफुद्दीन सोज के आने जाने पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। सोज की पत्नी मुमताजुन्निसा सोज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा, ‘‘अगस्त के महीने में एक दिन आप मुझे नजरबंद करते हैं और अब अपने जवाबी हलफनामे में वे कहते हैं कि मैं आजाद व्यक्ति हूं।’’

इस पर पीठ ने कहा कि जिस अवधि में सोज के नजरबंद होने की बात कही जा रही है, उस दरम्यान उन्होंने बाहर भी यात्रा की है। सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस के यह वरिष्ठ नेता बीमार थे और सिर्फ इलाज के सिलसिले में उन्होंने यात्रा की थी। इस पर पीठ ने कहा कि जम्मू कश्मीर प्रशासन का कहना है कि सोज के लिए कभी भी कोई नजरबंदी आदेश जारी ही नहीं किया गया और इसलिए जवाबी हलफनामे के मद्देनजर इस याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता।

इस बीच, समाचार चैनल NDTV ने अपने शो में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज़ का एक वीडियो दिखाया है, जिसमें वो आरोप लगा रहा है कि उनकी नज़रबंदी को लेकर जम्मू कश्मीर प्रशासन और केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को गलत जानकारी दी है। बंद दरवाजे और बैरिकेड के पीछे से ही सोज कहते नजर आए कि आखिर सरकार सुप्रीम कोर्ट में सरकार ऐसा कैसे कह सकती है कि मैं हिरासत में नहीं हूं।

सैफुद्दीन सोज़ ने अपने घर में बंद फाटकों के पीछे से चिल्लाते हुए एनडीटीवी के रिपोर्टर से कहते है, “आप सुनिए, सुप्रीम कोर्ट के सामने केंद्र सरकार और जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कहा सोज़ फ्री है और वो कहीं भी जा सकते है और वो कभी गिरफ्तार नहीं थे। और लानत मारिए इस पुलिस पर, ये सिपाही मुझे रोक रहे है, कहीं जाने दे रहे हैं। आप यह सब देख रहे है, सुप्रीम कोर्ट को बताइए यह।” उन्होंने आरोप लगया कि उनकी नज़रबंदी को लेकर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से झूठ बोला है।

गौरलब है कि, सुप्रीम कोर्ट ने सोज की पत्नी की याचिका पर आठ जून को जम्मू कश्मीर प्रशासन से जवाब मांगा था। इस याचिका मे पिछले साल पांच अगस्त से सोज को नजरबंद किए जाने को चुनौती दी गई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here