नोटबंदी का 1 साल: अभी तक वापस आए नोटों की जांच रहा है RBI

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अगले महीने 8 नवंबर को नोटबंदी को एक साल पूरे होने वाले हैं। इस पर देश की दोनों बड़ी पार्टियों के बीच सियासी तनातनी भी शुरू हो गई है। एक तरफ कांग्रेस के नेतृत्व में 18 विपक्षी दलों ने इस घोषणा का एक वर्ष पूरा होने पर जहां ‘काला दिवस’ मनाने की घोषण की है, वहीं सत्तारूढ़ बीजेपी ने इस दिन कालाधन विरोधी दिवस (रिपीट कालाधन विरोधी दिवस) मनाने की घोषणा की है।इस घमासान के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक हैरान करने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि वह अभी भी वापस आए नोटों की जांच कर रहा है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक RBI ने कहा कि ‘बैंकों में वापस आए 500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों की अब भी पूरी तत्परता के साथ करंसी वेरिफिकेशन सिस्टम के जरिए जांच की जा रही है।’

गौरतलब है कि पिछले साल 8 नवंबर को प्रधानमंत्री ने अचानक 500 और 1000 रुपये के नोटों को अमान्य घोषित कर दिया था। एक आरटीआई पर अपने जवाब में केंद्रीय बैंक ने कहा कि 30 सितंबर तक 500 रुपये के 1,134 करोड़ नोटों की जांच पूरी हो चुकी है, जबकि रद्द हुए 1000 रुपये के 524.90 करोड़ नोट जांचे जा चुके हैं। इनकी फेस वैल्यू क्रमश: 5.67 लाख करोड़ रुपये और 5.24 लाख करोड़ रुपये है।’

NBT में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, आरबीआई की ओर से जानकारी दी गई है कि प्रोसेस्ड नोटों की कुल वैल्यू करीब 10.91 लाख करोड़ रुपये है। PTI के एक संवाददाता द्वारा आरटीआई के जरिए मांगी गई जानकारी के जवाब में आरबीआई ने कहा है कि ‘सभी उपलब्ध काउंटिंग मशीनों पर डबल शिफ्ट में स्पेसिफ़ाइड बैंक नोट्स जांचे जा रहे हैं।’ केन्द्रीय बैंक से अमान्य किए गए नोटों की अब तक हुई गिनती के बारे में जानकारी मांगी गई थी।

यह पूछे जाने पर कि नोटों की गिनती का काम कब तक पूरा होगा? इस सवाल के जवाब में आरबीआई ने कहा कि, ‘चलन से बाहर हुए नोटों के सत्यापन की प्रक्रिया लगातार जारी है।’ बैंक की ओर से यह भी बताया गया कि नोटबंदी के बाद तमाम बैंकों में जमा कराए गए 500 और 1000 रुपये के नोटों की गिनती कम से कम 66 सफिस्टिकेटेड करंसी वेरिफिकेशन ऐंड प्रॉसेसिंग (CVPS) मशीनों पर चल रही है।

बता दें कि नोटबंदी के बाद वापस आए इन नोटों की गिनती की जा रही है जिससे कुल नोटों की संख्या साफ हो सके और यह भी जांचा जा सके कि इसमें नकली नोट तो नहीं हैं। उधर, कांग्रेस और ममता बनर्जी की टीएमसी समेत कई विपक्षी पार्टियों ने 8 नवंबर को नोटबंदी की पहली बरसी मनाने की घोषणा की है। वे इस दिन को ‘ब्लैक डे’ के तौर पर मनाने की तैयारी कर रहे हैं।

इसके अलावा विपक्ष नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था के बेपटरी होने का आरोप लगाते हुए देशभर में विरोध प्रदर्शन भी करेगा। इस पर बीजेपी ने कहा है कि वह 8 नवंबर को ‘ऐंटी-ब्लैकमनी डे’ के तौर पर मनाएगी। 30 अगस्त को जारी की गई 2016-17 की अपनी सालाना रिपोर्ट में आरबीआई ने कहा था कि बैन किए गए 500 और 1000 रुपये के नोटों का 99 फीसदी (15.28 लाख करोड़) बैंकिंग सिस्टम में वापस आ चुका है।

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