आमिर के बचाव में आए राकेश मेहरा, कहा असहिष्णुता जैसे मुद्दों से भागना कोई समाधान नहीं है

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मशहूर फिल्म निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने असहिष्णुता पर टिप्पणी को लेकर आमिर खान का बचाव करते हुए शुक्रवार को यहां कहा कि देश एक कठिन दौर से गुजर रहा है और ऐसे में हमें एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जो सवाल उठा सके। गोवा में आयोजित 46वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में एक समारोह के बाद संवाददाताओं से मेहरा ने यह भी कहा कि किसी एक को देश को बेहतरीन बनाने के लिए काम करना है और इसके लिए असहिष्णुता जैसे मुद्दों से भागना कोई समाधान नहीं है।

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मेहरा ने कहा, “देश के लिए ऐसे कठिन दौर में हमें एक ऐसे शख्स की जरूरत है, जो सवाल कर सके। वे (आमिर) धरती माता के सच्चे सपूत हैं। उनपर न तो कोई सवाल उठा सकता और न ही उन्हें किसी के सामने अपनी देशभक्ति साबित करने की जरूरत है। एक अच्छा मित्र होने के अलावा, मैं उन्हें अच्छी तरह से जानता हूं। ये वही शख्स हैं, जिन्होंने ‘सरफरोश’, ‘मंगल पांडे’, ‘फना’, ‘रंग दे बसंती’ व ‘सत्यमेव जयते’ बनाई है।”

उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक अपने देश से, देश की जनता से और प्रशासन से सवाल पूछने का अधिकार है।

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मेहरा ने कहा, “जब हमने देश को इतना कुछ दिया है, तो हमें देश, जनता और प्रशासन से सवाल करने का भी अधिकार है। हमें लगता है कि कोई समस्या है, तो इसके बारे में बात करनी चाहिए। जिस व्यक्ति ने इसपर चुप्पी साध ली, वह दोषी है।”

असहिष्णुता पर सवाल पूछने पर मेहरा ने कहा कि असहिष्णुता की घटनाएं हजारों साल पहले से चली आ रही हैं और केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हैं।

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उल्लेखनीय है कि इंडियन एक्सप्रेस समूह द्वारा आयोजित रामनाथ गोयनका पुरस्कार समारोह के दौरान सोमवार को आमिर खान ने कहा था कि देश में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। घर में जब वह अपनी पत्नी से बात करते हैं, तो वह कहती है कि क्या हमें भारत से बाहर चले जाना चाहिए। उनकी पत्नी का यह बयान आश्चर्यजनक व बेचैन करने वाला है। अभिनेता ने पुरस्कार लौटाने वाली हस्तियों का समर्थन किया और कहा कि पुरस्कार लौटाना रचनात्मक लोगों द्वारा अपना असंतोष जाहिर करने का एक तरीका है।

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