PNB महाघोटाला: राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला, कहा- ‘प्रधानमंत्री बच्चों से 2 घंटे बात करते हैं, लेकिन 22,000 करोड़ के घोटाले पर 2 मिनट नहीं बोलते’

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पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घपले का खुलासा होने के बाद राजनीति शुरू हो गई है। केंद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जहां कांग्रेस पर इस फ्रॉड के लिए दोषी बता रही है, वहीं कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक पार्टियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रही है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार (18 फरवरी) को एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा।

Photo: @INCIndia

राहुल गांधी ने रविवार को ट्वीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम बच्चों से 2 घंटे तक बात करते हैं, लेकिन नीरव मोदी मामले पर 2 मिनट भी नहीं बोल रहे हैं। राहुल ने ट्वीट के जरिए पीएनबी घोटाले पर पीएम मोदी के अलावा वित्त मंत्री अरुण जेटली की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने ट्वीट में कहा है कि, ‘पीएम मोदी बच्चों को परीक्षा पास करने का तरीका 2 घंटों तक बताते हैं, लेकिन 22,000 करोड़ रुपये के बैंकिंग घोटाले पर वह 2 मिनट भी नहीं बोलते हैं।’ राहुल ने अपने ट्वीट में आगे लिखा, ‘मिस्टर जेटली भी छिपे हुए हैं। एक दोषी के तरह व्यवहार करना बंद करिए और मामले पर कुछ बोलिए।’ इस ट्वीट के साथ उन्होंने पीएम पर तंज कसते हुए हैशटैग #ModiRobsIndia भी दिया है।

आपको बता दें शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों के साथ परीक्षा पर चर्चा की। इस दौरान पीएम ने परीक्षा के दौरान होने वाली चिंताओं को दूर करने के लिए छात्रों को टिप्स दिए। आजतक के मुताबिक राहुल के बयान पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को पता नहीं है कि वह क्या बात कर रहे हैं। अरुण जेटली सऊदी अरब में किसी बैठक में हिस्सा लेने गए हैं, वह छुप नहीं रहे हैं।

सिंह ने कहा कि राहुल अपनी बात कर रहे होंगे, क्योंकि वो कभी दिखते हैं तो कभी छुप जाते हैं। आपको बता दें कि मशहूर हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उनके रिश्तेदार मेहुल चौकसी पर पंजाब नैशनल बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत से 11,300 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। इस घोटाले के लिए कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार पर निशाना साध रहीं हैं।

21 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है PNB घोटाला

इससे पहले कांग्रेस ने शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि पीएनबी से 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी भारत का सबसे बड़ा ‘बैंक लूट घोटाला’ है और यह बढ़कर 21,206 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। पीएम मोदी इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? कांग्रेस ने सवाल उठाया कि सरकार इस मुद्दे पर चुप क्यों है और यह कैसे हुआ और एजेंसियों ने कैसे अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी व उसके चाचा मेहुल चोकसी व अन्य को भारत से चले जाने की अनुमति दी।

कांग्रेप प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “पंजाब नेशनल बैंक ने पहले ही 293 ‘लेटर्स ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (एलओयू) में 11,400 करोड़ रुपये के विवरण को स्वीकार किया है। इसके अलावा 30 बैंकों के चार कंपनियों को 9.906 करोड़ रुपये कर्ज देने का खुलासा हुआ है। इन कंपनियों में फायरस्टार इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, फायरस्टार डायमंडर फज, गीताजंलि जेम्स लिमिटेड व गीताजंलि एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन शामिल है।” उन्होंने कहा कि, “इस तरह कुल घपला 21,306 करोड़ रुपये का है।”

कांग्रेस का दावा- सरकार ने नीरव मोदी को भगाया

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पंजाब नेशनल बैंक में हुए 11,300 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भगाया है। कांग्रेस ने दावा किया है कि वैभव नाम के शख्स ने 7 मई 2015 को पीएमओ, ईडी, सेबी, गुजरात और महाराष्ट्र सरकार को घोटाले की जानकारी दी थी।

वहीं 20 जुलाई 2016 को दिग्विजय जडेजा ने गुजरात हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा कि चौकसी बैंकों के 9,872 करोड़ लेकर भाग सकता है। जबकि 26 जुलाई 2016 को हरि प्रसाद नाम के शख्स ने पीएमओ को चौकसी की शिकायत की थी। चौकसी के विदेश भागने की आशंका जताई गई थी।

PNB का पूर्व डिप्टी मैनेजर सहित तीन गिरफ्तार

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में सीबीआई ने शनिवार (17 फरवरी) को बैंक के दो अधिकारियों और नीरव मोदी की कंपनी के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया। सीबीआई ने तीनों को अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें 3 मार्च तक के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई अफसरों ने बताया कि नीरव मोदी, उसकी कंपनियों व मेहुल चोकसी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पीएबी के तत्कालीन उप प्रबंधक गोकुलनाथ शेट्टी (अब रिटायर), एकल खिड़की संचालक मनोज खराट और हेमंत भट्ट को गिरफ्तार किया गया है।

भट्ट नीरव की कंपनी का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता था। इस प्राथमिकी में करीब 280 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन के आठ मामले दर्ज हैं। बैंक से फिर मिली शिकायतों के बाद यह मामला करीब 6,498 करोड़ रुपये का हो गया है। यह शेट्टी और खराट द्वारा कथित तौर पर फर्जी तरीके से 150 साख पत्र (लेओयू) जारी करने से जुड़ा है। सीबीआई अफसरों ने बताया कि गीतांजलि समूह के लिए जारी किए गए करीब 4,886 करोड़ रुपये के शेष 150 साखपत्र दूसरी प्राथमिकी का हिस्सा हैं और उनकी भी जांच जारी है।

5,674 करोड़ की संपत्तियां जब्त

प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी शनिवार (17 फरवरी) को तीसरे दिन भी जारी रही। शनिवार को एजेंसी ने 25 करोड़ के हीरे-जेवरात जब्त किए। अब तक की कार्रवाई में 5,674 करोड़ के हीरे-जवाहरात और सोना सहित अन्य संपत्तियां जब्त की गई हैं। पटना में गीतांजलि जेम्स के शोरूम से दो करोड़ 7 लाख रुपये के हीरे जवाहरात जब्त किए गए हैं। वहीं, बनारस में भी चार शोरूम पर छापे पड़े हैं।

नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का पासपोर्ट निलंबित

विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का पासपोर्ट चार हफ्तों के लिए निलंबित कर दिया है। मंत्रालय ने उनसे एक हफ्ते में जवाब मांगा है कि उनका पासपोर्ट रद्द क्यों नहीं किया जाए। सीबीआई और ईडी ने विदेश मंत्रालय में अलग-अलग आवेदन भेजकर मांग की थी कि नीरव मोदी और उसके मामा तथा उसके कारोबारी साझेदार मेहुल चोकसी का पासपोर्ट रद्द किया जाए। चोकसी गीतांजलि जूलरी चेन का प्रमोटर है। दोनों 280 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी के मामले में आरोपी हैं।

नीरव मोदी कहां, पता नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीरव मोदी न्यूयॉर्क में है। हालांकि विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं हैं कि वे कहां पर हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि उसका ठिकाना पता नहीं। लेकिन वह जहां भी होगा, वहां से भाग नहीं सकता। बताया जा रहा है कि नीरव अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क की एक होटल में ठहरा हुआ है।

पीएनबी के 18 कर्मचारी निलंबित

पीएनबी ने अब तक इस मामले से जुड़े अपने 18 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित हुए कर्मचारियों में जनरल मैनेजर स्‍तर के अधिकारी भी शामिल हैं। शुरुआती जांच में सभी अधिकारियों के साथ बैंक में आंतरिक पूछताछ की जा रही है।

क्या है PNB घोटाला?

देश के दूसरे सबसे बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 11,300 करोड़ से ज्यादा का फर्जीवाड़े का फर्दाफाश हुआ है। ये घोटाला मुंबई की एक ब्रांच में हुआ है। पीएनबी के अधिकारियों ने धोखाधड़ी कर अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी से जुड़े फर्मों को फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) दिया। एलओयू एक तरह की गारंटी होती है, जिसके आधार पर दूसरे बैंक खातेदार को पैसा मुहैया करा देते हैं। यह घोटाला 2011 से चल रहा था।

पीएनबी ने इस मामले में 280 करो़ड़ रुपए के घोटाले की पहली शिकायत 29 जनवरी 2018 को सीबीआई से की थी। सीबीआई ने 31 जनवरी को केस दर्ज किया था, लेकिन आरोपी इससे काफी पहले ही देश से निकल चुके थे। पीएनबी ने नीरव व अन्य के खिलाफ दूसरी शिकायत 14 फरवरी को सीबीआई से की है। इसमें 11,300 की करोड़ रुपए की फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है।

इस सारी धोखाधड़ी से तब पर्दा हटा जब पंजाब नेशनल बैंक के भ्रष्ट कर्मचारी-अधिकारी रिटायर हो गए और नीरव मोदी की कंपनी के अधिकारियों ने जनवरी में दोबारा इसी तरह की सुविधा शुरू करने की गुजारिश की। नए अधिकारियों ने ये गलती पकड़ ली और घोटाले से पर्दा हटाने के लिए आंतरिक जांच शुरू कर दी। 14 फरवरी को आंतरिक जांच पूरी होने के बाद पंजाब नेशनल बैंक ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को इस फर्जीवाड़े की जानकारी दी।

सीबीआई ने नीरव मोदी, उनकी पत्नी, भाई और कारोबारी साझेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन पर आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगा है। खबरों के मुताबिक भारतीय नागरिक नीरव मोदी और बेल्जियम के नागरिक उनके भाई निशाल 1 जनवरी को भारत से रवाना हुए थे। उनकी पत्नी अमरीकी नागरिक हैं और वो 6 जनवरी को भारत से गईं।

 

 

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