VIDEO: राजघाट पर 100-100 रुपये में भाड़े पर लोगों को बुलाकर हार्दिक पटेल के खिलाफ प्रदर्शन करवा रही है BJP? पदर्शनकारियों को नहीं पता था ‘कौन है हार्दिक’

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गुजरात विधानसभा चुनाव जितना करीब आ रहा है, राज्य में राजनीतिक गहमा-गहमी उतनी ही तेज होती जा रहीं है। एक तरफ राज्य में सत्ता बरकरार रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सहित तमाम बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री एड़ी-चोटी का जोर लगा दिए हैं। वहीं दूसरी तरफ राज्य में 1990 के बाद विधानसभा में एक भी चुनाव न जीतने वाली कांग्रेस इस चुनाव में जीतने के ख्वाब देख रही है।इस चुनाव में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल एक महत्वपूर्ण नाम के तौर पर उभरे हैं। हार्दिक पटेल की रैलियों में जुट रही भीड़ के बाद पूरे गुजरात में चर्चा इसी बात की हो रही है कि पाटीदार आंदोलन के नायक के तौर पर उभरे इस युवक की रैली का कितना असर पड़ेगा? दरअसल एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों में उम्मीद के मुताबिक कम लोग पहुंच रहे हैं, वहीं हार्दिक पटेल को सुनने के लिए काफी भीड़ उमड़ रही है।

बीजेपी 100-100 रुपये देकर हार्दिक के खिलाफ गरीबों से करवा रही है प्रदर्शन?

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हार्दिक पटेल भले ही गुजरात में चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन उनका इतना प्रभाव है कि दिल्ली में बैठी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भी परेशान है। इतना ही नहीं केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कथित तौर पर 100-100 रुपये देकर भाड़े पर बेरोजगार और गरीब लोगों को बुलाकर हार्दिक पटेल के खिलाफ नारे लगवा रही है। जबकि प्रदर्शनकारियों को कहना है कि वह तो हार्दिक पटेल को जानते ही नहीं है।

जी हां, आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक देश की राजधानी दिल्ली में राजघाट पर बुधवार (6 दिसंबर) को हार्दिक पटेल के खिलाफ प्रदर्शन का आयोजन हुआ। खुद को पटेल समुदाय का सदस्य बताने वाले कुछ लोग राजघाट पर हार्दिक के खिलाफ बैनर पोस्टर और पुतला लेकर पहुंच गए। इस दौरान हार्दिक के पुतले पर चप्पल-जूतों से जमकर भड़ास निकाली गई। फिर हार्दिक के पुतले को आग के हवाले कर दिया गया।

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इस दौरान आज तक/इंडिया टुडे के रिपोर्टर ने हार्दिक के खिलाफ प्रदर्शन कर ही पूजा गौड़ नाम की एक महिला से बात की। ये महिला अपने छोटे बच्चे को गोद में लिए दिल्ली के तिमारपुर इलाके से राजघाट पर प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंची थी। रिपोर्टर ने जब उनसे पदर्शन का मकसद पूछा तो उनका जवाब था, ‘हम लोगों को बोला गया कि राजघाट चलना है, घर पर खाली बैठे थे इसलिए चले आए।’

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इसी तरह जब रिपोर्टर ने संतोष झा नाम के इस युवा से जब पूछा कि जिसके खिलाफ आप जोरशोर से नारे लगा रहे हैं, उनके (हार्दिक) बारे में क्या जानते हैं तो उसने मुस्कुराते हुए जवाब मिला, “ये पहले बीजेपी में थे, अब कांग्रेस के साथ पता नहीं क्यों चले गए। हम तो हार्दिक पटेल के खिलाफ प्रदर्शन करने आए हैं।” संतोष झा ने बड़ी शराफत से ये भी स्वीकार कर लिया कि वो नहीं जानते हार्दिक पटेल कौन हैं?

इसके अलावा जब रिपोर्टर ने वहा मौजूद कुछ महिलाओं से पूछा कि क्या वे हार्दिक पटेल के बारे में जानती हैं तो ज्यादातर महिलाओं ने जवाब ‘नहीं’ में दिया। जब महिलाओं से ये जानना चाहा कि क्या वे पटेल समुदाय से हैं, इसका जवाब भी ‘ना’ में मिला। जब उनसे पूछा गया कि प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए क्या कुछ पैसे भी मिलेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया कि रैली खत्म होने के बाद पैसे मिलेंगे। एक लड़की ने खुलकर बता भी दिया- ‘एक घंटे के 100 रुपए मिलेंगे।’

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(नीचे 13.50 से वीडियो क्लिक कर देख सकते हैं)

बता दें कि गुजरात में 4 लाख 35 हजार मतदाताओं में से एक करोड़ पटेल बिरादरी से हैं। गुजरात में पाटीदार-पटेल समुदाय दो वर्णों में बंटा हुआ है। कड़वा पाटीदार पटेल और लेउवा पाटीदार पटेल। हार्दिक पटेल कड़वा पटेल हैं जिनकी तादाद करीब 60 फीसदी है जबकि लउवा पटेल 40 फीसदी है। गुजरात के 57 बरस के इतिहास में 16 मुख्यमंत्रियों में से 7 सीएम पटेल समाज के रहे हैं। गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को दो चरणों में वोटिंग होनी है, जबकि 18 को नतीजे आएंगे।

 

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