PNB महाघोटाला: बैंक का पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी सहित तीन लोग गिरफ्तार, PM मोदी की चुप्पी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

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पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में करीब 11,300 करोड़ रुपये से अधिक के महाघोटाले का खुलासा होने के बाद पूरे देश में भूचाल आ गया है। PNB महाघोटाले में अब आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू हो गई है। इस महाघोटाले में शनिवार (17 फरवरी) को बड़ी कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने पीएनबी बैंक के पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी को गिरफ्तार कर लिया है। शेट्टी पर नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को बगैर बैंक गारंटी लोन देने का आरोप है।

PNB
फाइल फोटो

सीबीआई ने इस मामले में शेट्टी के अलावा दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें सिंगल विंडो ऑपरेटर (एसडब्लूओ) मनोज खरात और हेमंत भट्ट भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को सभी आरोपियों को मुंबई स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा।बता दें कि PNB घोटाले का मुख्य आरोपी नीरव मोदी देश छोड़कर जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी मेहुल चौकसी से भारत से बाहर है।

पंजाब नेशनल बैंक ने अपनी सफाई में स्पष्ट किया है कि मुंबई स्थित उसकी एक शाखा में करीब 11,300 करोड़ रुपये के घोटाले की शुरुआत वर्ष 2011 में ही हो गई थी। 11,300 करोड़ रुपये के इस घोटाले में नीरव मोदी मुख्य आरोपी है। पीएनबी के एक डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी पर ही कथित तौर पर स्विफ्ट मेसेजिंग सिस्टम का दुरुपयोग करने का आरोप है। पीएनबी घोटाले में 18 कर्मचारियों को निलंबित कर चुका है।

बैंकिंग इतिहास में इस सबसे बड़े घोटाले में नीरव मोदी के बाद गोकुलनाथ शेट्टी का ही नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में आया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मानें तो गोकुलनाथ शेट्टी ने ही नीरव मोदी की कंपनियों को फर्जी तरीके से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग दिया। शेट्टी ने अपने दूसरे साथी अधिकारी मनोज खरात के साथ मिलकर इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।

सबसे बड़े ‘बैंक लूट घोटाले’ पर मोदी चुप क्यों?

कांग्रेस ने शुक्रवार को पीएनबी घोटाले के लेकर मोदी सरकार कई नए आरोप लगाए। कांग्रेस पीएम नरेंद्र मोदी पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि पीएनबी से 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी भारत का सबसे बड़ा ‘बैंक लूट घोटाला’ है और यह बढ़कर 21,206 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। पीएम मोदी इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं? कांग्रेस ने सवाल उठाया कि सरकार इस मुद्दे पर चुप क्यों है और यह कैसे हुआ और एजेंसियों ने कैसे अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी व उसके चाचा मेहुल चोकसी व अन्य को भारत से चले जाने की अनुमति दी।

कांग्रेप प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “पंजाब नेशनल बैंक ने पहले ही 293 ‘लेटर्स ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (एलओयू) में 11,400 करोड़ रुपये के विवरण को स्वीकार किया है। इसके अलावा 30 बैंकों के चार कंपनियों को 9.906 करोड़ रुपये कर्ज देने का खुलासा हुआ है। इन कंपनियों में फायरस्टार इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, फायरस्टार डायमंडर फज, गीताजंलि जेम्स लिमिटेड व गीताजंलि एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन शामिल है।” उन्होंने कहा कि, “इस तरह कुल घपला 21,306 करोड़ रुपये का है।”

नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का पासपोर्ट निलंबित

विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का पासपोर्ट चार हफ्तों के लिए निलंबित कर दिया है। मंत्रालय ने उनसे एक हफ्ते में जवाब मांगा है कि उनका पासपोर्ट रद्द क्यों नहीं किया जाए। सीबीआई और ईडी ने विदेश मंत्रालय में अलग-अलग आवेदन भेजकर मांग की थी कि नीरव मोदी और उसके मामा तथा उसके कारोबारी साझेदार मेहुल चोकसी का पासपोर्ट रद्द किया जाए। चोकसी गीतांजलि जूलरी चेन का प्रमोटर है। दोनों 280 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी के मामले में आरोपी हैं।

संपत्तियां कुर्क, विदेश में शोरूम पर ताला

आयकर विभाग ने नीरव मोदी, उसके परिवार और कंपनियों से जुड़ी 29 संपत्तियां और 105 बैंक खाते कुर्क किए हैं। साथ ही विदेश में कथित रूप से गैरकानूनी संपत्तियां रखने के लिए नए कालाधन रोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नीरव मोदी के ठिकानों से 549 करोड़ रुपये का सोना, आभूषण और हीरे जब्त किए हैं। इस मामले में अब तक की कार्रवाई में 5,649 करोड़ रुपए के हीरे-जवाहरात और सोना जब्त किया गया है।

नीरव मोदी कहां, पता नहीं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीरव मोदी न्यूयॉर्क में है। हालांकि विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं हैं कि वे कहां पर हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि उसका ठिकाना पता नहीं। लेकिन वह जहां भी होगा, वहां से भाग नहीं सकता। बताया जा रहा है कि नीरव अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क की एक होटल में ठहरा हुआ है।

पीएनबी के 18 कर्मचारी निलंबित

पीएनबी ने अब तक इस मामले से जुड़े अपने 18 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित हुए कर्मचारियों में जनरल मैनेजर स्‍तर के अधिकारी भी शामिल हैं। शुरुआती जांच में सभी अधिकारियों के साथ बैंक में आंतरिक पूछताछ की जा रही है।

कांग्रेस का दावा- सरकार ने नीरव मोदी को भगाया

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पंजाब नेशनल बैंक में हुए 11,300 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भगाया है। कांग्रेस ने दावा किया है कि वैभव नाम के शख्स ने 7 मई 2015 को पीएमओ, ईडी, सेबी, गुजरात और महाराष्ट्र सरकार को घोटाले की जानकारी दी थी।

वहीं 20 जुलाई 2016 को दिग्विजय जडेजा ने गुजरात हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा कि चौकसी बैंकों के 9,872 करोड़ लेकर भाग सकता है। जबकि 26 जुलाई 2016 को हरि प्रसाद नाम के शख्स ने पीएमओ को चौकसी की शिकायत की थी। चौकसी के विदेश भागने की आशंका जताई गई थी।

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