PM मोदी ने दिया अब तक का सबसे छोटा भाषण, जानिए क्यों?

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आज(15 अगस्त) पूरा देश 71वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौथी बार लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में उन तमाम मुद्दों को उठाया, जिसके बारे में लोग सुनना चाहते थे। पीएम मोदी ने अपने भाषण में पिछले दिनों गोरखपुर के अस्पताल में हुई बच्चों की मौत का भी जिक्र किया।

Photo: @PIB_India

इसके अलावा प्राकृतिक आपदा, कश्मीर मामला, भ्रष्टाचार, नोटबंदी, तीन तलाक और न्यू इंडिया जैसे मुद्दों को शामिल किया। हालांकि, पीएम मोदी ने पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर ऐतिहासिक के रूप से सबसे लंबा भाषण देने के बाद इस साल अपना अब तक का सबसे छोटा संबोधन किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी द्वारा 96 मिनट का किया गया संबोधन प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया सबसे लंबा भाषण था, लेकिन इस साल पीएम मोदी ने 57 मिनट के संबोधन में देशवासियों से अपनी बात कही। पिछले चार सालों में मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिया गया यह अब तक का सबसे छोटा भाषण था।

दरअसल, पिछले महीने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मोदी ने देशवासियों के सुझाव पर इस बार अपना भाषण ज्यादा लंबा न करते हुए इसे संक्षिप्त रखने की बात कही थी। रेडियो पर प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा था कि उन्हें लोगों से मिल रहे पत्रों में कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस पर दिया जाने वाला उनका संबोधन ‘थोड़ा ज्यादा ही बड़ा’ हो जाता है। इसके मद्देनजर उन्होंने इस साल छोटा भाषण देने का वादा किया था।

पीएम मोदी ने अपने वादे पर कायम रहते हुए इस बार सिर्फ 57 मिनट का भाषण दिया, जो 2014 में उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद से लेकर अब तक उनका सबसे छोटा भाषण है। पीएम मोदी ने 2014 में 65 मिनट, 2015 में 86 मिनट और 2016 में 94 मिनट का भाषण दिया था। पीएम मोदी से पहले देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने पहले स्वतंत्रता दिवस सामारोह में 15 अगस्त 1947 को 72 मिनट का भाषण दिया था।

मासूम बच्चों की मौत तोड़ी चुप्पी

गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण पिछले एक सप्ताह में 70 से अधिक बच्चों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरे देश को इन बच्चों की मौत और प्राकृतिक आपदाओं में लोगों की जान जाने का दुख है और पूरे देश की सहानुभूति प्रभावित परिवारों के साथ है।

स्वाधीनता दिवस के अवसर पर लालकिले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने बाबा राघवदास मेडकिल कालेज एवं अस्पताल के शिशु चिकित्सा विभाग में बच्चों की मौत तथा बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले लोगों का जिक्र किया।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं एक बड़ी चुनौती बन गई हैं। अच्छी वर्षा से देश की संपत्ति बढ़ती है। किन्तु मौसम में बदलाव के कारण समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि हाल के समय में देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा। एक अस्पताल में बच्चों की मौत हो गई और पूरा देश उनके साथ है।

मोदी ने कहा कि 125 करोड़ देशवासियों की संवेदनाएं उनके साथ है तथा पूरा देश उनके साथ है। सरकार उनकी यथासंभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि मैं पूरी संवेदनशीलता के साथ लोगों को आासन देना चाहता हूं की सरकार लोगों की भलाई और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी तथा उनकी मदद के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

बता दें कि गोरखपुर के सरकारी अस्पताल में पिछले एक सप्ताह में नवजात शिशुओं समेत 70 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। इनमें से अधिकतर मौतें कथित रूप से आक्सीजन की कमी से हुई हैं, लेकिन योगी सरकार इस दावे को खारिज कर चुकी है।

 

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