वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भाषण के दौरान PM मोदी की फिसली जुबान, सवा सौ करोड़ की जनसंख्या में 600 करोड़ मतदाता बता बैठे प्रधानमंत्री, यूजर्स ने लिए मजे

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (23 जनवरी) को विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के सालाना शिखर सम्मेलन में भारत की उजली आर्थिक तस्वीर पेश की। उन्होंने निवेश और निर्माण के लिए कारोबारियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि भारत अस्थिरता के दौर में सबसे भरोसेमंद देश है। 20 सालों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री के डब्ल्यूईएफ सम्मेलन में हुए अहम संबोधन के दौरान मोदी ने संकेत दिया कि भारत वैश्वीकरण की अगुआई कर सकता है।

Photo: REUTERS

पीएम मोदी ने जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद को दुनिया के समक्ष सबसे बड़ी चिंता बताया। विश्व आर्थिक मंच के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मोदी ने भारत की आर्थिक नीतियों में सुधार के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों तथा देश में निवेश के बेहतर अवसरों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही विश्व के हालात पर भारत का व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद खतरनाक है लेकिन आधिकारिक रूप से अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद के बीच कृत्रिम भेद पैदा किया जाना उतना ही खतरनाक है। मोदी ने कहा कि आतंकवाद की समस्या को लेकर भारत के रुख के बारे में सभी जानते हैं, इसलिये इस मुद्दे के विस्तार में वह नहीं जाना चाहते। मोदी दावोस में विश्व आर्थिक मंच की 48वीं सालाना बैठक को संबोधित करने के लिये पहुंचे।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया में शांति, सुरक्षा और स्थायित्व का मुद्दा काफी गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि आखिरी बार 1997 में जब भारतीय प्रधानमंत्री दावोस की बैठक में आए थे तो भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 400 अरब डालर से कुछ अधिक थी। अब यह उसके छह गुणा से अधिक बढ़ चुका है।

पीएम मोदी की फिसली जुबान 

पीएम मोदी डब्ल्यूईएफ के इस सालाना आर्थिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। हालांकि, भाषण के दौरान एक मौके पर पीएम मोदी की जुबान भी फिसल गई। पीएम मोदी ने भारतीय लोकतंत्र की ताकत का जिक्र करते हुए भारत में मतदाताओं की संख्या को गलती से 600 करोड़ बता दिया। पीएम मोदी ने कहा कि, ‘भारत के 600 करोड़ मतदाताओं ने 2014 में 30 साल बाद पहली बार किसी एक राजनीतिक पार्टी को केंद्र में सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत दिया…’

आपको बता दें कि भारत की कुल आबादी करीब 130 करोड़ है, जबकि मतदाताओं की संख्या 80 करोड़ के आस-पास है। हैरानी की बात तो यह कि मोदी के भाषण को लेकर पीएमओ के ट्विटर अकाउंट से जो ट्वीट किए जा रहे थे, उसमें भी यह गलती शामिल थी। हालांकि, बाद में इस ट्वीट को डिलीट कर दिया गया। पीएमओ के अलावा पीएम मोदी के इस गलती को समाचार एजेंसी एएनआई ने भी ट्वीट किया।

हालांकि, बाद में उन्होंने यह ट्वीट डिलीट कर दिया। वहीं, बहुत सारे समाचार चैनलों के टि्वटर हैंडल ने भी इस डेटा को जस का तस ट्वीट कर दिया। टि्वटर पर बहुत सारे लोगों ने इस आंकड़े को लेकर हैरानी जताई। कुछ को तो विश्वास ही नहीं हुआ कि पीएम ने ऐसा कोई बयान दिया है। कुछ टि्वटर यूजर्स इस बयान पर मजे लेने लगे। पीएम मोदी से शायद यह चूक इसलिए हुई कि वह लिखा हुआ भाषण पढ़ रहे थे।

https://twitter.com/Shivamkumar237/status/955765396350447616?ref_src=twsrc%5Etfw&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.jansatta.com%2Ftrending-news%2Fprime-minister-narendra-modi-told-in-davos-that-in-2014-600-indian-voters-gave-complete-majority-to-a-political-party%2F556646%2F

https://twitter.com/INCChamrajnagar/status/956008669489057792

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