केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया जो लोकसभा से पास हो गया। इस बिल के पक्ष में 311 वोट पड़े, जबकि 80 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पास होने के साथ ही पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में तनाव की स्थिति बढ़ गई है।
नागरिकता (संशोधन) विधेयक के खिलाफ छात्र संगठनों की तरफ से संयुक्त रूप से बुलाया गया 11 घंटे का बंद मंगलवार सुबह पांच बजे शुरू हो गया है। पूर्वात्तर छात्र संगठन (एनईएसओ) ने इस विधेयक के खिलाफ शाम चार बजे तक बंद का आह्वान किया है। बंद के ऐलान के साथ ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, तकरीबन सभी दुकानों पर ताला लटक रहा है।
नागरिकता संशोधन विधेयक के लोकसभा में पास होने के बाद असम के अलग-अलग भागों में प्रदर्शन देखने को मिले। कई अन्य संगठनों और राजनीतिक दलों ने भी इसे अपना समर्थन दिया है। इस बंद के आह्वान के मद्देनजर असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
Assam: People stage protest in Jorabat against #CitizenshipAmendmentBill which was passed in Lok Sabha, yesterday. pic.twitter.com/gEZjGkvMBE
— ANI (@ANI) December 10, 2019
नगालैंड में चल रहे हॉर्नबिल महोत्सव की वजह से राज्य को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है। पूर्वोत्तर राज्यों के मूल निवासियों को डर है कि इन लोगों के प्रवेश से उनकी पहचान और आजीविका खतरे में पड़ सकती है। इस विधेयक के खिलाफ क्षेत्र के विभिन्न संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस, एआईयूडीएफ, ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन, कृषक मुक्ति संग्राम समिति, ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन, खासी स्टूडेंट्स यूनियन और नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन जैसे संगठन बंद का समर्थन करने के लिए एनईएसओ के साथ हैं। गुवाहाटी विश्वविद्यालय और डिब्रुगढ़ विश्वविद्यालय ने कल होने वाली अपनी सभी परीक्षाएं टाल दी हैं।
Assam: Shops closed in Guwahati following a 12-hour 'bandh' call by North East Students' Organisation (NESO) and All Assam Students' Union (AASU) against #CitizenshipAmendmentBill which was passed in Lok Sabha, yesterday. pic.twitter.com/LMM3DGflnH
— ANI (@ANI) December 10, 2019
गृह मंत्री अमित शाह के मणिपुर को इनर लाइन परमिट (आईएलपी) के दायरे में लाने की बात कहने के बाद राज्य में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे द मणिपुर पीपल अगेंस्ट कैब (मैनपैक) ने सोमवार के अपने बंद को स्थगित करने की घोषणा की। नागरिकता (संशोधन) विधेयक (कैब) में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है।
Tripura: Protest being held in Agartala against #CitizenshipAmendmentBill2019 pic.twitter.com/vi8yWzdceW
— ANI (@ANI) December 10, 2019
लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के बाद इसके पक्ष में सोमवार को 311 और विरोध में 80 मत पड़े, जिसके बाद इसे निचले सदन की मंजूरी मिल गई। यह विधेयक अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मिजोरम में लागू नहीं होगा जहां आईएलपी व्यवस्था है इसके साथ ही संविधान की छठी अनुसूची के तहत शासित होने वाले असम, मेघालय और त्रिपुरा के जनजातीय क्षेत्र भी इसके दायरे से बाहर होंगे। (इंपुट: भाषा के साथ)